बिलासपुर । वन विभाग के अधीन बिलासा ताल आज भले ही देखदेख के अभाव में उसकी सुंदरता फीकी हुई है लेकिन विभाग के द्वारा कैंंपा मद से 1करोड़ 10 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही यहां पर कार्य कराए जाएंगे। ज्ञात हो कि शहर से लगे कोनी में बिलासा ताल 5 एकड़ क्षेत्र में वन विभाग द्वारा विकसित किया गया है। पार्क में विभिन्न मदों से काम कराए गए हैं। इसकी देखरेख का जिम्मा बिलासपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी के जिम्मे है। लेकिन आज बदइंतजमी के चलते बिलासा ताल की सुंदरता पर ग्रहण लगा गया।
बिलासा ताल के भीतर घुसते ही इसकी बदहाली के नजारे दिखने शुरू हो जायेगे। सड़को पर लंबी दरार, सुखा फाउंटेन, उलझे बिजली के उलझे तारों पर खड़े जर्जर लैंप और चरते हुए मवेशी! कुछ दूर आगे बढऩे पर यहां का मुख्य आकर्षण " वूडन ब्रिज" जो आज की स्थिति में पुल की बजाए ताल के पानी में डूबे ठूंठ के रूप में नजर आ रहा है। आगे देखेंगे तो बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला पार्क बनाया गया,उसकी भी हालत बहुत अच्छी नहीं है।
ऐसा नहीं है कि वन विभाग ने इस जगह में पर्यटकों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई बल्कि शुरुवाती दौर में विभाग ने भी दोनो हाथो से पैसे खर्च कर पर्यटकों को कई सुविधाए दी थी।जिसमें नौका विहार के लिए बोटिंग शुरू किया लेकिन आज सिर्फ लोहे का कबाड़ के रूप में किनारे पड़ा हुआ है। वहीं डायनासोर वल्र्ड में बने डायनासोर देखरेख के आभाव में आज कई जगहों से टूट गए है।
ऐसे में अब बदहाली के इस दौर में पहले जैसे पर्यटकों की आवाजाही भी नहीं रह गई। जानकारी की माने तो एक दिन बमुश्किल 40 से 50 लोग पहुंच रहे है। लेकिन अब यह स्थिति भविष्य में बदलने वाली है। विभाग बिलासा ताल की सुंदरता के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। कैंपा मद से इसके जीर्णोधार के लिए विभाग प्रस्ताव भेजा गया है।
1 करोड़ 10 लाख का प्रस्ताव कैंपा मद से प्रस्ताव भेजा गया है : जितेंद्र साहू
वन विभाग के वन परिक्षेत्र जितेंद्र साहू ने बताया कि वानिकी परियोजना से पिछले 3 साल से कोई राशि नहीं आई,इसलिए कोई काम नहीं हुआ। लेकिन विभाग ने कैंपा मद से 1करोड़ 10 लाख का प्रस्ताव तैयार कर भेजा है। स्वीकृति मिलने पर भविष्य में बिलासा ताल की सुंदरता को फिर से सवारा जायेगा।