जोधपुर. बहुचर्चित भंवरी देवी अपहरण हत्या (Bhanwari Devi Murder Case) मामले में आरोपी पूर्व विधायक (Former Congress MLA) मलखान विश्नोई (Malkhan Singh Bishnoi) और परसराम विश्नोई को एसटी-एससी कोर्ट जज अणिमा दाधीच की कोर्ट से तीन दिन की अंतरिम जमानत मिली है. अधिवक्ता संजय व अधिवक्ता गिरीश चौधरी ने अंतरिम जमानत की अर्जी पेश करते हुए कोर्ट को बताया कि आरोपियों की बुआ का निधन हो गया है और निधन के उपरांत आयोजित होने वाले सामाजिक कार्यक्रम व रश्मों में शिरकत करने के लिए इन्हें बारह दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की जाए.

कोर्ट ने आरोपियों की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए आगामी 26, 29 व 30 दिसंबर 3 दिन के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की है. जमानत अवधि में आरोपियों के साथ पुलिस सुरक्षा रहेगी. बता दें कि चार महीने पहले विश्नोई ने हर्निया व पथरी आदि बीमारी का इलाज कराने के लिए 12 सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी थी. आरोपी मलखान की क्रिमिनल अपील याचिका राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी. बहुचर्चित एएनएम भंवरीदेवी अपहरण व हत्या के मामले में आरोपी मलखानसिंह विश्नोई और उसकी बहन इंदिरा विश्नोई दोनों जेल में हैं.

क्या पूरा मामला


साल 2011 में राजस्थान की नर्स और लोकगायिका भंवरी देवी गायब हो गईं. बाद में पता लगा कि उसकी हत्या कर दी गई है. इस मामले में महिपाल मदेरणा और मलखान सिंह विश्नोई पर हत्या का आरोप लगा. बाद में इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि जांच का काम सीबीआई को दिया गया. इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्वास्थ्य विभाग में एएनएम भंवरी के पति अमरचंद ने 20 सितंबर को रिपोर्ट लिखाई कि उसकी बीवी 20 दिनों से लापता है. उसने मदेरणा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई. पुलिस ने 2 दिसंबर को मदेरणा और फिर मलखान को गिरफ्तार कर लिया गया. तब से ही दोनों जेल में हैं.