रायपुर। ब्रेन स्ट्रोक जागरूकता अभियान के तहत आज राजभवन के दरबार हॉल में ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए एम.एम.आई. नारायणा मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जहां कुछ एहतियाती उपाय बताए, वहीं ब्रेन स्ट्रोक आने पर यथाशीघ्र सिटी स्केन कराने और साढ़े चार घण्टे के अन्दर आवश्यक इलाज कराने की सलाह दिया।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कहा कि एम.एम.आई. नारायणा मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल द्वारा ब्रेन स्ट्रोक जागरूकता अभियान काफी सराहनीय है। आज भागमभाग की जिंदगी में तनावयुक्त जीवन हो गया है, जिसके कारण ब्रेन स्ट्रोक जैसी समस्या सामने आ रही है। ऐसे जागरूकता प्रोग्राम से हम ब्रेन स्ट्रोक आने से पहले ही निजात पाया जा सकता है।
एम.एम.आई. नारायणा मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल डॉ. एच. पी. सिन्हा ने कहा कि नियमित सैर एवं व्यायाम करने, बी.पी. एवं शुगर को कंट्रोल रखने और स्ट्रेस फ्री रहकर काफी हद तक ब्रेन स्ट्रोक बचा जा सकता है। उन्होंने स्ट्रोक के लक्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि सीधे खड़े रहने में परेशानी होना, आंख से धुंधला या दो-दो दिखाई देना, चेहरा, बाजू, टांग में शून्यता एवं कमजोरी आ जाना, बोलने एवं समझने में कठिनाई होना है। डॉ. सिन्हा ने कहा कि उक्त लक्षण दिखने पर तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाएं। उन्होंने दिनचर्या में हल्दी और लहसुन के उपयोग को ब्रेन स्ट्रोक रोकने में लाभकारी बताया। इस अवसर पर डॉ. सिन्हा ने राज्यपाल सुश्री उइके को स्मृति चिन्ह भेंट किया।