छठ पर्व का सनातन धर्म में खास महत्‍व है। इस पर्व में पूजा-पाठ की विधि-विधान का खास ख्‍याल रखा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से नहाय खाय के साथ शुरू होता है। अगर आप भी यह व्रत करने जा रहे हैं तो पूजा की कुछ जरूरी सामग्रिया हैं, जिन्‍हें पहले ही जुटा लें।
छठ पूजा के लिए बांस की टोकरी का प्रयोग किया जाता है। इसमें ही पूजन सामग्री रखकर अर्घ्‍य देने के लिए पूजन स्‍थल तक जाते हैं।
गुड़ और आटे से मिलकर बनने वाले ठेकुआ को छठ पर्व का प्रमुख प्रसाद माना जाता है। मान्‍यता है कि इस प्रसाद के बिना पूजा अधूरी होती है।
छठ पूजा में गन्‍ने का भी महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। अर्घ्‍य देते समय पूजन सामग्री में गन्‍ने का होना बहुत जरूरी होता है।
छठ पूजा में केले का पूरा गुच्‍छा चढ़ाया जाता है। इसके बाद प्रसाद में उसे वितरित किया जाता है।
छठ मैय्या को चावल के लड्डू अत्‍यंत प्रिय होते हैं। इसका कारण इसकी शुद्धता है क्‍योंकि चावल कई परतों में होता है इसलिए मानते हैं कि कोई पक्षी इसे झूठा नहीं कर पाता। कहते हैं कि अशुद्धता हो तो छठ माई नाराज हो जाती हैं।
पूजन सामग्री में कच्‍चे नारियल का अपना ही महत्‍व है। छठ माई को नारियल का भोग लगाकर इसे प्रसाद में वितरित करते हैं।
नारियल, लड्डू और गन्‍ना के साथ ही प्रसाद में डाभ नींबू का विशेष स्‍थान है। ये खट्टे के तौर पर अर्पित किया जाता है।