रियाद,सऊदी अरामको ने रविवार को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के लिए आईपीओ लाने की घोषणा कर दी है। काफी समय से सऊदी अरब की इस कंपनी के शेयर बाजार में उतरने की प्रतीक्षा की जा रही थी। माना जा रहा है कि सऊदी अरामको का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा IPO होगा। सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की काफी समय से अपनी तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने की महत्वाकांक्षा है। कई साल के विलंब के बाद अरामको ने कहा है कि उसकी योजना रियाद स्टॉक एक्सचेंज में अपने शेयर बेचने की है।
IPO से जुड़े कुछ आंकड़े...
वैल्यूएशनः 1.5 खरब डॉलर
आईपीओ टारगेटः हिस्सेदारी की बित्री का 1-5 पर्सेंट
कितना पैसा जुटाए जाने की उम्मीदः 1-2% स्टेक सेल होने पर 20 से 40 अरब डॉलर
2014 में आईपीओ के जरिए सबसे ज्यादा रकम (25 अरब डॉलर) जुटाने वाली कंपनी अलीबाबा है।
अरामको ने बाजार में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। दुनिया की कच्चे तेल की जरूरत का दस प्रतिशत अकेले सऊदी अरामको पूरा करती है। हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अभी उसकी योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शेयरों को सूचीबद्ध कराने की नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि लंबे समय से दो चरण के आईपीओ की जो चर्चा चल रही थी उसे टाल दिया गया है।
सऊदी अरब के प्रिंस सलमान अपने देश की तेल आधारित अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना चाहते हैं। विशाल परियोजनाओं और नए उद्योगों के लिए कई अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी। विश्लेषकों का कहना है कि अरामको का मूल्यांकन 1,700 अरब डॉलर नहीं बैठेगा। यह संभवत: दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी कितने शेयर बेचने का फैसला करती है।