नई दिल्ली । सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने को मंगलवार को मंजूरी दे दी है। सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का दायित्व निर्धारण करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व वाली समिति की रिपोर्ट को मंजूरी  दी। केंद्र की मोदी सरकार मंगलवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और उनके कार्यों के चार्टर की घोषणा भी कर सकती है।
वहीं,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस एक ऐतिहासिक फैसला बताया। सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद और रक्षा मंत्रालय के अंदर मिलिटरी अफेयर्स डिपार्टमेंट का सृजन करने का फैसला लिया है। 


क्यों पड़ी सीडीएस की जरूरत
कारगिल युद्ध के दौरान वायुसेना और भारतीय सेना के बीच में तालमेल का अभाव साफ दिखाई दिया था। कारगिल युद्ध के दौरान वायुसेना के इस्तेमाल पर तत्कालीन वायुसेनाध्यक्ष और सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक की राय जुदा थी। भारतीय सामरिक रणनीतिकारों ने भी इस कमी को महसूस किया और सरकार से पुनः सीडीएस के गठन की सिफारिश की। यह पद सरकारी नेतृत्व के लिए सैन्य सलाहकार की भूमिका के तौर पर जरूरी है। हालांकि राजनीतिक पार्टियों और सैन्य बलों ने इसका विरोध किया है।