कमलेश तिवारी तक पहुंचने के लिए शेख अशफाक हुसैन ने हिंदू समाज पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जैमिन दवे बापू का सहारा लिया था। उसने पहले फेसबुक पर रोहित कुमार सोलंकी के नाम से फर्जी आईडी व फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इसके बाद जैमिन से संपर्क कर पार्टी में शामिल हुआ। जैमिन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश से संपर्क कर रोहित कुमार सोलंकी उर्फ शेख अशफाक हुसैन को सूरत शहर की आईटी सेल का प्रचारक के पद पर मनोनीत किया था। सूरत शहर का आईटी सेल का प्रचारक बनते ही शेख अशफाक हुसैन ने वॉट्सएप पर एक ग्रुप बनाया जिसमें कमलेश के साथ ही पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पुष्कर राय मोनू, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी गौरव सोलंकी समेत अन्य पदाधिकारियों को जोड़ा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वॉट्सएप ग्रुप पर ही वह सूरत में पार्टी की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं और खबरें साझा करता था। उसकी सक्रियता देखकर ही कमलेश और उत्तर प्रदेश के अन्य पदाधिकारी प्रभावित हुए व उससे बातचीत करने लगे। उसने पार्टी के नाम से एक फेसबुक अकाउंट भी शुरू किया जिसमें हजारों लोग जुड़े थे। फेसबुक और वॉट्सएप पर वह खुद को कट्टर हिंदू साबित करने के लिए अक्सर रामचरित मानस की चौपाइयां व संस्कृत के श्लोक पोस्ट करता था। गुजरात एटीएस ने प्रदेश अध्यक्ष जैमिन से पूछताछ की जिसमें उन्होंने बताया कि अशफाक सूरत से लखनऊ के निकला तो उन्हें जानकारी दी थी। उसने लखनऊ में आयोजित पार्टी की बैठक में शामिल होने के बारे में भी कहा था।हिंदू समाज पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गौरव सोलंकी का कहना है कि रोहित कुमार सोलंकी उर्फ अशफाक ने कमलेश तिवारी के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर राय मोनू की हत्या की भी साजिश की थी। उन्होंने लखनऊ आने से पहले प्रदेश अध्यक्ष को फोन कर मिलने की इच्छा जाहिर की। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष ने किसी काम में व्यस्त होने की बात कहते हुए मुलाकात में असमर्थता जता दी। इस पर हत्यारों ने उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी डाला। प्रदेश अध्यक्ष ने हत्यारों से दोबारा लखनऊ आने पर मिलने की बात कही थी।