जोधपुर । एक ओर राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा नीम हकीमों एवं झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मुहिम चला रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही महकमे के अस्पतालों में घोर लापरवाही सामने आई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही चिकित्सा विभाग के उप निदेशक (जोन) डॉं. सुनील कुमार बिष्ट द्वारा इंस्पेक्शन करते हुए डॉक्टरों की गैर हाजिरी में एक ऑटो ड्राइवर को गर्भवती महिला को इंजेक्शन लगाते पकड़ा गया।  जानलेवा लापरवाही का यह चौंकाने वाला मामला जोधपुर के बालेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचची) का है। इस करतूत के बाद ऑटो ड्राइवर सीरिंज छोड़कर मौके से भाग गया।
डॉ. बिष्ट ने बताया कि जब वह सीएचसी के इंस्पेक्शन पर पहुंचे तो उन्होंने जननी सुरक्षा वाॅर्ड में एक गर्भवती काे बिना एप्रिन के युवक इंजेक्शन लगाते देखा। जब उन्होंने उससे एप्रिन के बारे पूछा तो वह सीरिंज छोड़कर भाग निकला। बाद में पता चला कि इंजेक्शन लगाने वाला सीएचसी कर्मचारी नहीं, बल्कि एक ऑटा ड्राइवर था। जानकारी के अनुसार इंस्पेशन के समय सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रताप छुट्‌टी पर थे। उनके स्थान पर चार्ज डॉ. रईस खान के पास था, जो एक मीटिंग के लिए सीएमएचओ ऑफिस गए हुए थे। ऐसे में जब डॉ. बिष्ट ने मौके पर पूछताछ की तो पता चला कि सीएचसी में महिला को इंजेक्शन लगाने वाला ऑटो (आरजे 19 टीए 8530) का ड्राइवर है। लाेगों से पूछताछ में सामने आया कि ड्राइवर का नाम शाकिर है।