इन्दौर । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा बेराजगारों को शासकीय और अशासकीय रोजगार दिलाने के लिये दूरगामी कार्य योजना बनाई जायेगी। इस संबंध में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। कलेक्‍टर श्री जाटव ने इस अवसर पर कहा कि इन्दौर और उसके आस-पास देवास और पीथमपुर में कई उद्योग हैं। आपसी तालमेल के अभाव में इन उद्योग में सही समय पर बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर रोजगार मेले अयोजित कर बरोजगार को रोजगार दिलाया जायेगा। जिला प्रशासन इस दिशा में काम करने के लिये अंत्यवसायी वित्त एवं विकास निगम, ग्रामोद्योग विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, आजीविका परियोजना और बैंक ऑफ बड़ौदा स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान उत्प्रेरक भूमिका अदा करेंगे।  इस काम में अन्य विभाग के अधिकारियों से भी सहयोग लिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सेना में भर्ती करने लिये प्रेरित किया जायेगा। तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को स्वयं का उद्योग लगाने के लिये प्रेरित किया जायेगा। उद्योगों में टर्नर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन की विशेष मांग रहती। व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों को अस्पतालों में  रोजगार मिल सकता। विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में रोजगार मिल सकता है। उद्योग लगाने के इच्छुक बेराजगार को जमीन, ऋण और अनुदान आदि की सुविधा भी दी जायेगी। बैठक को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीना ने भी सम्बोधित किया।
बैठक में अंत्यवसायी वित्त एवं  विकास निगम, पिछड़ा वर्ग विभाग, उद्योग विभाग, आजीविका परियोजना, सामाजिक न्याय विभाग, खादी एंव ग्रामोद्योग के प्रतिनिधि मौजूद थे।