राज्यपाल श्री लालजी टंडन से प्रदेश की पहली पर्वतारोही माउन्ट एवरेस्ट विजेता सुश्री मेघा परमार ने बुधवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। उनके साथ अफ्रीका की सर्वोच्च पर्वत श्रृखंला किलीमंजारो के पर्वतारोही दल के अन्य सदस्य डॉ. जयप्रकाश परमार, सुश्री अनिता शर्मा और श्री अमन गौर भी थे।

राज्यपाल श्री टंडन ने सुश्री मेघा परमार को शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही दल के सभी सदस्यों को महात्मा गांधी की रचना 'सत्य के प्रयोग' पुस्तक भेंट की। पर्वतारोही सुश्री परमार ने राज्यपाल को बताया कि वे प्रदेश की प्रथम महिला पर्वतारोही हैं, जिसने एवरेस्ट पर पहुँचने में सफलता प्राप्त की है।

सुश्री परमार ने बताया कि विश्व के विभिन्न महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों 'सेवन समिट' पर पर्वतारोहण का संकल्प लिया है। उन्होंने अभी तक माउन्ट एवरेस्ट, माउंट अलब्रूसा, कीलीमंजारों पर्वत चोटियों को फतह किया है। शीघ्र ही माउन्ट अकंगुआ के अभियान पर जाएंगी।

राज्यपाल को सकारात्मक सोच संस्था की सदस्य पर्वतारोही सुश्री अनिता शर्मा ने संस्था द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था प्लास्टिक के उपयोग को रिफ्यूज, रिड्यूस और रिसायकल करने के लिए लोगों को जागृत कर रही है। संस्था के सदस्य पौधरोपण, श्रमदान, बर्तन बैंक, डस्टबिन वितरण आदि कार्यों के माध्यम से जन-जागृति के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक को रिसायकल कर अनेक उपयोगी उत्पाद ट्री गार्ड, फर्नीचर आदि भी बनाए जा रहे हैं।