मुंबई सोनाली बोस (Shonali Bose) निर्देशित फिल्म 'द स्काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) का ओपनिंग डे बहुत ही खराब रहा है। फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत हुई है। बॉक्स ऑफिस इंडिया के ट्विटर पेज पर शेयर की गई पोस्ट के अनुसार फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 2.5 करोड़ रुपये की कमाई की है।

एक मजबूत सब्जेक्ट पर आधारित इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन इस फिल्म ने दर्शकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस (Box Office) देखकर पता चलता है कि यह फिल्म दर्शकों को कुछ खास इंप्रेस नहीं कर पाई है। हालांकि अभी 'द स्काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) को वीकेंड से काफी उम्मीदें हैं। क्योंकि शनिवार और रविवार फिल्म का कलेक्शन बेहतर हो सकता है।

बॉलीवुड खबरों की रिपोर्ट के अनुसार, 'द स्काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) में प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) के अभिनय की तारीफ की जारी है। पर इसमें स्टार पॉवर की कमी है। संगीत भी फिल्म को आगे नहीं ले जा पा रहा है। दरअसल 'द स्काई इज पिंक' (The Sky Is Pink) जैसी भावनात्मक फिल्मों की ऑडियंस काफी सीमित होती है।

फिल्म 'द स्काई इज पिंक' की कहानी की शुरुआत 2015 से होती है। फिल्म में अहम् किरदार निभा रही जायरा वसीम (आयशा चौधरी) की कहानी है। जायरा (Zaira Wasim) ही अपनी आवाज में फिल्म की कहानी बता रही हैं। वे बताती हैं कि कैसे वो एक बड़ी बीमारी के साथ पैदा होती है और ये बीमारी उनके पूरे परिवार को बदल देती है।

बचपन से ही उन्हें बचाने की मुहिम शुरू हो जाती है। प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) अदिति और फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) नीरेन चौधरी जायरा के माता-पिता हैं और रोहित सराफ (Rohit Saraf) ईशान चौधरी बड़े भाई की भूमिका में हैं। ख़ास बात ये है कि फिल्म के शुरुवात में ही जायरा ने बता दिया कि वो मर चुकी है लेकिन उसे आप भुत- प्रेत ना समझें क्योंकि वो जहां भी है बहुत खुश है। बचपन से ही जायरा को pulmonary fibrosis नाम की जानलेवा बीमारी है।

अपनी बेटी का इलाज करवाने के लिए अदिति यानी प्रियंका चोपडा (Priyanka Chopra) और नीरेन चौधरी यानी फरहान अख्तर (Farhan Akhtar) को विदेश तक जाना पड़ता है जबकि इनके पास वहां जाने के लिए टिकट के पैसे तक नहीं होते। विदेश में पहुंच कर पता चलता है कि नन्ही सी आयशा को बचाने के लिए एक सौ बीस पाउंड की जरुरत है।

जैसे तैसे लोगों से मदद लेकर जायरा का ऑपरेशन तो हो जाता है लेकिन डॉक्टर के अनुसार 18 साल तक जायरा (आयशा) को अपना सफल इलाज करवाने के लिए विदेश में ही रहना है। ऐसे में फरहान को कभी इंडिया तो कभी विदेश का भर्मण करना पड़ता है। इस बीच कड़ी मेहनत के साथ फरहान और प्रियंका का क्या होता है इसके लिए आपको कल रिलीज हो रही फिल्म को देखना पडेगा।