प्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण को बढ़ावा देने के लिये आम की तोतापरी किस्म के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना के अंतर्गत तोतापरी आम का अति उच्च सघन पौध-रोपण कराये जाने के बारे में निर्देश जारी किये गये हैं।

योजना के प्रथम चरण में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले को शामिल किया गया है। इन जिलों में आम की तोतापरी किस्म को अति उच्च सघनता पद्धति से रोपण करने वाले किसानों को पहले साल 43,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जायेगी। पौध-रोपण के लिये ड्रिप पद्धति के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करना अनिवार्य रहेगा। किसान निर्धारित दरों पर पौधे खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे। अगर कोई किसान पौधों की व्यवस्था करने में असमर्थ रहेगा, तो उद्यानिकी विभाग एम.पी. एग्रो के माध्यम से पौधे खरीदकर उसे उपलब्ध कराएगा। पौधे के मूल्य को भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि में समाहित किया जायेगा। इस योजना में किसानों का चयन क्लस्टर बनाकर किया जायेगा। चयनित किसानों को कम से कम एक एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ की सीमा तक एक बार अथवा टुकड़ों में योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी।

प्रथम चरण में 1000 एकड़ में अति उच्च सघन पौध-रोपण का लक्ष्य

योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2019-20 में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिलों में कुल एक हजार एकड़ में आम की तोतापरी किस्म का पौध-रोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिये चयनित किसानों को पहले साल में कुल 4 करोड़ 32 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा। दूसरे और तीसरे साल में अनुरक्षण की राशि योजना के प्रावधान अनुसार देय होगी। प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार होशंगाबाद और हरदा जिले में 250-250 एकड़ तथा बैतूल जिले में 500 एकड़ में तोतापरी आम का अति उच्च सघनता से पौध-रोपण कराये जाने का लक्ष्य है। इसके लिये होशंगाबाद और हरदा जिले में 108-108 लाख तथा बैतूल जिले में 216 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा।

किसानों को कराना होगा ऑनलाइन पंजीयन

राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना में आम की तोतापरी किस्म का वर्ष 2019-20 में अतिउच्च सघन पौध-रोपण कराने के लिये संबंधित जिला कलेक्टर क्लस्टर का चयन करेंगे। क्लस्टर के अंतर्गत शामिल ग्रामों की सूची ऑनलाइन प्रदर्शित की जायेगी। किसानों का पंजीयन ऑनलाइन होगा। यदि कुछ किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा सकते हैं, तो उनके आवेदन ऑफलाइन प्राप्त कर वरिष्ठता के आधार पर उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया जायेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रति सोमवार योजना की समीक्षा करेंगे। जिला कलेक्टर्स से कहा गया है कि क्लस्टर ग्रामों की सूची विभागीय पोर्टल पर अपलोड करायें।