ग्वालियर,  वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा को नाथूराम गोडसे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा बताए कि वह गोडसे को राष्ट्रवादी मानती है या बापू का हत्यारा। सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पार्टी का 'स्टैंड' स्पष्ट करना चाहिए। शनिवार को ग्वालियर में मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गांधी के बिल्कुल विपरीत है। भाजपा नेता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर संकल्प यात्रा निकाल रहे हैं, लेकिन वे पहले यह तो स्पष्ट करें कि गोडसे देशभक्त था या नहीं।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि 1970-71 में संघ के कुशाभाऊ ठाकरे और  विजयाराजे सिंधिया ने जनसंघ में शामिल होने की पेशकश की थी, लेकिन वह शामिल नहीं हुए। कारण कि वह गांधी को मानते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता बोलीं- गांधीजी के नाम पर दिखावा कर रही भाजपा

एमपी कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने दिग्विजय सिंह का समर्थन करते हुए कहा कि सभी जानते हैं, गोडसे हिंदू महासभा का सदस्य था, जिसका भाजपा और संघ गुणगान करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि आज वे लोग गांधीजी के नाम पर दिखावा कर रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि बापू के प्रति लोगों के अंदर कितना सम्मान है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता महात्मा गांधी का अपमान कर चुके हैं, लेकिन पार्टी ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। उनका इशारा भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ीं और जीतकर सांसद बनीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की ओर था। प्रज्ञा ठाकुर ने नाथूराम गोडसे को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने गोडसे को देशभक्त बता दिया था। 

गोडसे को 'जी' कह गए थे भाजपा नेता, सीएम बघेल ने घेरा

मालूम हो कि तीन दिन पहले छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नाथूराम गोडसे के नाम में 'जी' लगा दिया था। विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन भाजपा नेता चंद्राकर ने गांधी पर चर्चा करते हुए 'गोडसे जी' कह डाला। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसा था कि दिखावे का नकाब उतर गया। वहीं, अजय चंद्राकर ने कहा कि मृत व्यक्ति के प्रति सम्मान दिखाने का ये उनका तरीका है।