विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के पहले अजीत पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से कहा है कि राजनीति आज अपने निम्न स्तर पर है, इसलिए राजनीति छोड़ना बेहतर है.
    विधानसभा अध्यक्ष ने मंजूर किया अजीत का इस्तीफाखेती या कोई अन्य व्यवसाय करने की जताई इच्छा

शरद पवार के भतीजे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक अजीत पवार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ ने इसे मंजूर भी कर लिया है. बताया जाता है कि वह महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में कई करोड़ का घोटाले में अपना और अपने चाचा शरद पवार का नाम आने से आहत थे.

पत्रकारों से बात करते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के पहले अजीत पवार ने अपने बेटे पार्थ पवार से कहा है कि राजनीति आज अपने निम्न स्तर पर है, इसलिए राजनीति छोड़ना बेहतर है. अजीत ने बेटे को भी राजनीति छोड़ने की सलाह देते हुए कहा है कि अब चलो खेती या कोई अन्य व्यवसाय करते हैं.
उन्होंने कहा कि जब से अजीत पवार को पता चला कि उनके खिलाफ आर्थिक अपराध का मामला दर्ज किया गया है, तब से वह बहुत बेचैन थे. अजीत ने अपने परिवार से भी चर्चा की थी. परिजनों से चर्चा में अजीत पवार ने कहा कि काका (शरद पवार) ने अपने जीवन के 50-52 साल सक्रिय राजनीति के लिए दिए हैं, जिसके लिए उन्हें जनता से सराहना भी मिली है.
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि अजीत ने परिजनों से बात करते हुए बोला है कि मैं (शरद पवार) भले ही उस सहकारी बैंक के सदस्य तक नहीं हूं, लेकिन संबंधित EOC में उनके खिलाफ मामला विचाराधीन है.

परिजनों के साथ थे अजीत पवार

यह चर्चा है कि अजीत पवार अपने परिवार के सदस्यों के साथ थे. यह पूछे जाने पर कि क्या अजीत पवार ने राजनीति छोड़ने के बारे में संकेत दिया है, एनसीपी प्रमुख ने कहा कि अजीत पवार ने अपने बेटे पार्थ को सलाह दी है. वहीं आज तक से बात करते हुए पार्थ ने अजीत कहा कि उनके पिता बहुत बेचैन थे. उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है, राजनीति से नहीं.

संसदीय चुनाव में भी किया था राजनीति से संन्यास का ऐलान

यह जानना दिलचस्प है कि 2019 के संसदीय चुनाव के दौरान अजीत पवार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर सुप्रिया सुले बारामती लोकसभा सीट से चुनाव हार जाती हैं तो वे सक्रिय राजनीति से इस्तीफा दे देंगे. बता दें कि महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में शरद पवार और अजीत पवार को भी आरोपी बनाया गया है.

चार्जशीट में नाम शामिल होने के बाद शरद पवार ने शुक्रवार को ईडी के दफ्तर जाने का ऐलान कर दिया था. ईडी ने शरद पवार को ई-मेल कर न आने का अनुरोध किया. जिसके बाद शरद पवार पुणे रवाना हो गए.