वास्तु के अनुसार अपने घर की फ्लोरिंग के लिए रंगों का चुनाव सोच-समझकर करें क्योंकि रंग भी घर में भी रहने वाली सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा को प्रबावित करते हैं। घर में यदि सही रंगों का प्रयोग किया गया है तो घर में अच्छी ऊर्जा बनी रहती है। 
पूर्व दिशा 
पूर्व दिशा यदि ठीक हो तो घर के मुखिया पर भगवान इंद्र की कृपा रहती है। इसके अलावा यह दिशा भगवान सूर्य को भी समर्पित मानी गई है, इस दिशा में सही होने से समाज में मान-सम्मान बना रहता है। वास्तु के अनुसार इस दिशा का फर्श गहरे हरे रंग का होना चाहिए।
पश्चिम दिशा 
शास्त्रों के अनुसार पश्चिम दिशा लक्षमीजी का निवास माना गया है। इसलिए इस दिशा का दोष मुक्त होना बहुत जरूरी है। इस दिशा में अच्छी साफ-सफाई रखनी चाहिए। इस दिशा में फर्श का रंग सफेद होना चाहिए और बहुत ज्यादा आकृति और डिजाइंस नहीं होना चाहिए।
उत्तर दिशा 
घर की उत्तर दिशा बेहद महत्वपूर्ण होती है। वास्तु-शास्त्र के अनुसार केवल इस एक दिशा के सही होने से घर में खुशहाली आती है। वास्तु-शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को धन के देवता -कुबेर का स्थान माना जाता है। इस दिशा में हमेशा गहरे काले रंग का पत्थर फर्श के तौर पर लगवाना चाहिए। 
दक्षिण दिशा
वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा नर्क की दिशा मानी जाती है, इसलिए यह सलाह दी जाती है कि कभी भी इस दिशा में घर का प्रलेश द्वार नहीं होना चाहिए। न ही इस दिशा में शयन-कक्ष या पति-पत्नी का बेडरूम होना चाहिए। इसे यम की दिशा मानी जाती है तो यहां के फर्श का रंग गहरा लाल होना चाहिए।
उत्तर-पूर्व दिशा
उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान शिव का वास माना गया है। शिवजी को आसमानी और नीला रंग बेहद पसंद है, इसलिए शिव पूजा में आसमानी रंगों का प्रयोग किया जाना शुभ माना गया है।
दक्षिण पूर्व
इस दिशा का सृष्टि के रचियता ब्रह्मा की दिशा माना गया है। इस दिशा में बैंगनी रंग का फर्श होना शुभ माना जाता है। 
दक्षिण-पश्चिम दिशा
दक्षिण दिशा के स्वभाव से ठीक विपरीत दक्षिण पश्चिम दिशा का स्वभाव है। इस दिशा में हल्के रंगों का इस्तेमाल सही माना गया है। यहां हल्के गुलाबी रंग का फर्श ठीक माना गया है। 
उत्तर-पश्चिम दिशा
घर की इस दिशा को वायु की दिशा माना जाता है। इसलिए इस दिशा की दीवारों, पर्दों और यहां तक फर्श का रंग भी ग्रे होना चाहिए। यह रंग इस दिशा के लिए सबसे शुभ माना गया है।
इन जानकारी के अनुसार अगर आप अपने घर का फर्श बनवाते हैं तो आपको घर वास्तुदोष से मुक्त रहेगा। लेकिन अगर किसी कारण से आपने किसी दिशा में गलत रंग का फर्श बनवा लिया है तो आप कमरों का उपयोग बदल सकते हैं। जैसे रसोईघर को शयन कक्ष बना लें या लिविंग एरिया को बेडरूम बनाकर घर को वास्तुअनुरूप बना सकते हैं।