इन्दौर ।  समान आचरण, समान खान-पान और समान पूजा पद्धति वाले समाजों के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते होने से वैश्य समाज की अपनी संगठन शक्ति भी बढ़ेगी और उच्च शिक्षा तथा बड़े पैकेज पर काम कर रहे प्रत्याशियों को मनचाहा जीवसाथी मिलने से एक सुखी, समृद्ध और खुशहाल परिवार की नींव भी मजबूत होगी। परिवार मेें कोई भी नया रिश्ता हो, उसका प्रभाव पूरे समाज और आने वाली पीढियों पर भी होता हैं। इन रिश्तों से वैश्य घटकों के साथ समाज और राष्ट्र की समृद्धि के नए मार्ग भी खुल रहे हैं। इन्दौर जैसे वृहद परिचय सम्मेलन जैसे आयोजन परिवार के साथ समाज और राष्ट्र को नए आयाम दे सकेंगें। आज यहां का नजारा किसी मिनी कुंभ मेले जैसा बन गया है।
स्कीम 71 रिंगरोड स्थित दस्तूर गार्डन पर वैश्य महासम्मेलन म.प्र. की मेजबानी में चल रहे दो दिवसीय अ.भा. वैश्य परिचय सम्मेलन के समापन सत्र में संगठन के प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने उक्त विचार व्यक्त किए। समाजसेवी गिरीश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य, पत्रकार राजेश चेलावत, खेल मंत्री जीतू पटवारी, लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, वनमंत्री उमंग सिंघार, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, गृहमंत्री बाला बच्चन एवं संमाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल के विशेष आतिथ्य में आज परिचय सम्मेलन के समापन दिवस पर 342 रिश्ते सांय 6 बजे तक तय होने की सूचना मिल चुकी थी। श्राद्ध पक्ष के चलते इन रिश्तों की घोषणा मंच से नहीं की गई लेकिन कल 370 और आज 6 बजे तक 342, इस तरह 712 रिश्तों पर मोहर लग गई। शेष तय हुए रिश्तों की सही जानकारी श्राद्ध पक्ष के बाद सामने आएगी। सभी अतिथियों ने मुक्तकंठ से इस आयोजन और यहां की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। श्रीमती आशा विजयवर्गीय, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, वैश्य महासम्मेलन के वरिष्ठ पदाधिकारी लखनलाल नागोरी, कैलाशचंद्र खंडेलवाल एवं अन्य अतिथियों का स्वागत दिनेश मित्तल, अरविंद बागड़ी, विकास डागा, बसंत खटोड, कुलभूषण मित्तल, खूबचंद कटारिया, अरूण गोयल आदि ने किया। दिनभर चले परिचय के मैराथन दौर में आज 3 हजार से अधिक प्रत्याशियों ने मंच और स्टूडियो के माध्यम से परिचय दिए। इनमें अग्रवाल समाज के 370, माहेश्वरी समाज के 90, नीमा समाज के 35, चित्तौड़ा महाजन समाज के 25 और शेष अन्य घटकों के प्रत्याशी शामिल हैं। सम्मेलन स्थल पर लगभग 10 से 12 हजार समाजबंधुओं की उपस्थिति हर समय बनी रही। शाम को तो पैर रखने की जगह भी नहीं मिल पा रही थी। प्रत्याशियों की अधिक संख्या को देखते हुए आयोजन समिति ने देर रात तक परिचय का दौर जारी रखने का निर्णय लिया और इस तरह करीब 3 हजार प्रत्याशियों ने अपने परिचय दिए।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि गिरीश अग्रवाल और गृहमंत्री बाला बच्चन ने संपूर्ण सम्मेलन स्थल के सभी स्टॉलों पर पहुंचकर वैश्य बंधुओं से बातचीत की और उन्हें इस प्रभावी आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं सौंपी। समाज के स्थानीय एवं बाहर से आए पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन की सभी व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला। पिछले एक माह से दिनरात तैयारियों में जुटे कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अतिथियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। स्टूडियो में बैठकर परिचय देने वाले प्रत्याशियों ने भी अपने अंदाज में जीवन साथी की खोज की। परिचय सम्मेलन में प्रत्याशियों से की गई चर्चा में यह तथ्य भी सामने आया कि उच्च शिक्षित युवा धर्म से तो जुड़ा हुआ है किंतु वह पुरानी परंपराओं से भी बाहर आना चाहता है। इसी तरह उच्च शिक्षित युवतियां भी अपने लिए अपने समकक्ष जीवनसाथी चाहती हैं और बड़े शहरों के प्रति उनका आकर्षण कायम है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश मित्तल एवं संगठन के महामंत्री अरविंद बागड़ी ने संध्या को सभी कार्य