जबलपुर
मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के स्मार्ट सिटी बन रहे जबलपुर (Smart City Jabalpur) के लोग चालान भरना पसंद करते हैं और उन्‍हें यातायात नियमों (Traffic Rules) का पालन करना जरा भी पसंद नहीं है. जी हां, यह सुनकर चौंकिए मत, लेकिन यातायात विभाग द्वारा पिछले 8 महीनों में की गई कार्रवाई के आंकड़े सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. दरअसल 1 जनवरी 2019 से यातायात विभाग ने जबलपुर के लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया और तमाम जागरूकता अभियान चलाए साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिसके परिणाम स्वरूप पिछले आठ महीनों में करीब 3 करोड़ रुपए चालान के रूप में वसूल किए गए हैं.
जबलपुर ट्रैफिक एएसपी अमृत मीणा (Jabalpur Traffic ASP Amrit Meena) ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि 2 करोड़ मैन्युअल चालान यानी सड़क पर खड़े होकर वाहन चैकिंग करते हुए किए गए, जिनसे 1.5 करोड़ रुपए वसूल किए गए. जबकि 1200 से ज्यादा लाइसेंस पर निलंबन की कार्रवाई करने के लिए आरटीओ को आवेदन भेजे जा चुके हैं.
यातायात एएसपी अमृत मीणा की मानें तो जबलपुर में सालभर में करीब 3000 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं यानी हर दिन 8 सड़क दुर्घटनाएं, जिनमें 3000 से ज्यादा लोग घायल होते हैं और 350 से ज्यादा लोग इन हादसों में मौत की नींद सो जाते हैं. इन हादसों को अंजाम देने वालों में पढ़े लिखे संपन्न परिवार के लोग भी शामिल हैं. बिना लाइसेंस और अनुभव के वाहन चलाने वाले, नाबालिग बच्चे, तीन सवारी बाइक चालक ये सभी यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं जो अक्सर हादसों को भी अंजाम देते हैं.
यातायात पुलिस अब चालानी कार्रवाई और लाइसेंस निलंबन के बाद न्यायालय की शरण भी लेने की तैयारी में है. साफ है कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले यदि सड़क हादसों को अंजाम देते हैं तो उन पर गैर इरादतन हत्या का अपराध भी पंजीकृत किया जाएगा.
ये आंकड़े न सिर्फ चैंकाने वाले हैं बल्कि चिंता का कारण भी हैं क्योंकि मॉडर्न हो रही दुनिया में वाहन चालकों की संख्या बढ़ना तय है. यातायात नियमों का पालन न करना जान जोखिम में डालना है,जिसे समझना बहुत जरूरी है. यकीनन यातायात नियमों का पालन करना सिर्फ चालान से ही नहीं बल्कि हादसों से भी बचाता है.