मोटर व्हीकल एक्ट 2019 (New Motor Vehicle Act) के विरोध में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (Transport Association) गुरुवार से हड़ताल (Strike) पर है. ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल (Transporters Strike) का असर भी देखने को मिल रहा है. हड़ताल को देखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के ज्यादातर स्कूल बंद हैं. हालांकि, जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, वहां छात्रों को बुलाया गया है. ट्रांसपोर्टरों की इस हड़ताल को कैब, बस ट्रांसपोर्ट, डंपर यूनियन, क्रेन यूनियन समेत 51 संगठनों ने अपना समर्थन दिया है.

ऑटो यूनियन को भी जबरन हड़ताल में कराया जा रहा शामिल

ट्रांसपोर्टरों के हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. सड़कों पर व्यावसायिक वाहन नदारद हैं. जो इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं, उनको भी रोका जा रहा है. पहले जगह-जगह टैक्सी वालों ने जाम लगाया. उसके साथ ही सवारी लेकर चल रहे ऑटोरिक्‍शा को भी रोका जा रहा है. सवारियों को उतारा जा रहा है और उनको अपने साथ हड़ताल में शामिल कराए जाने की भी खबर है. एशोसिएशन के पदाधिकारियों का साफ कहना है कि जो लोग शामिल नहीं हैं, उनको इसके बारे में बताया जा रहा है. इसके बाद ही वे भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं.

डीटीसी बसों के संचालन का भी हो रहा विरोध
जगह-जग टैक्सी चालक जाम लगा रहे हैं. साथ ही डीटीसी बसों के संचालन का विरोध भी कर रहे हैं. फेस-3 कोतवाली के सामने टैक्सी वालों ने लगाया जाम. इसी तरह कई जगह से जाम की खबरें भी मिल रही हैं. हड़ताल की वजह से सड़क पर आज करीब 50 हजार वाहन सड़कों से गायब रहेंगे.

नोएडा सीएनजी ऑटो चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकश गुर्जर ने कहा कि सभी ऑटो चालक हड़ताल में शामिल हैं. एसोसिएशन का कहना है कि भारी भरकम चालन से ट्रांसपोर्टरों की कमर टूट चुकी है. चालान राशि को कम करने के लिए पूरे शहर में गुरुवार को ट्रांसपोर्ट बंद रहेगा. उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टर पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है. चालान बढ़ने से व्यापर बंदी के कागार पर है.