नई दिल्ली: चीन (China) ने वियतनाम (Vietnam) के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (Exclusive economic zone) में एक बार फिर से घुसपैठ की है. 2019 में यह तीसरा मौका है जब चीन ने यह हरकत दोहराई है. वियतनात सरकार के सूत्रों के मुताबिक यह घुसपैठ 7 सितंबर से शुरू हुई और अभी भी चीन के जहाज तैनात है. इससे पहले, 3 जुलाई और 13 अगस्त को भी चीन ने वियतनाम के जल क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की थी. वियतनाम, चीन से निपटने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है जिसमें कानूनी कार्रवाई भी शामिल है. 

इससे पहले 21 अगस्त को चीन ने वियतनाम मे जल क्षेत्र में अपने 20 जहाजों तैनात कर दिए थे. यह क्षेत्र भारत के लिहाज से अहम है. ONGC विदेश लिमिटेड और रूस की कंपनी Rosneft का इस इकोनॉमिक जोन में ऑयल ब्लॉक हैं.  

पहली बार चीन ने 3 जुलाई को यह हरकत की थी. हालांकि, 7 अगस्त को चीन के जहाज वापस हो गए. उस समय चीन के 35 जहाज जमा हो गए थे. लेकिन, एयरक्रॉफ्ट जैसी चीजें नहीं शामिल थीं. उसी दौरान ASEAN समिट हुआ था. 1-2 अगस्त को 20 देशों के विदेश मंत्री बैठक में शामिल हुए. इसी के मद्देनजर चीन ने 7 अगस्त को जहाज वापस बुला लिया था.

वियतनाम ने घुसपैठ के इस मुद्दे को चीन के सामने कई बार उठाया है. वियतनाम ने करीब 40 बार द्विपक्षीय बातचीत के जरिये इसे सुलझाने की कोशिश की है. भारत, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, जापान, मलेशिया, यूरोपीय यूनियन और आसियान समेत द्निया के 10 देश चीन की घुसपैठ पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं.