पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा है कि गाँवों को एनजीओ के माध्यम से पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जायेगा। इसमें ग्रामीणों के लिये रोजगार के अवसर भी खोजे जायेंगे। श्री बघेल ने 'एक्सपीरियन्स शेयरिंग बाय लीडर्स ऑफ कम्युनिटी होम स्टे इन इण्डिया' कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सर्वप्रथम प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े गावों की पहचान करेगी। इसमें ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के पास वाले गाँवों को जोड़ा जायेगा।

मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन के लिये एनजीओ द्वारा ग्रामवासियों के साथ मिलकर पर्यटकों को गाँव के माहौल में ठहरने और भोजन आदि के अच्छे इंतजाम किये जायेंगे। ग्रामीण परिवेश के आवासों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित किया जायेगा। पर्यटकों को स्थानीय व्यंजन एवं भोजन सुलभ कराया जायेगा। उन्हें चिकित्सा सुविधा भी दी जायेगी।

सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन विकसित करने में जिला टूरिज्म प्रमोशन कॉन्सिल की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यशाला में श्रीमती मल्लिका विर्दी (संस्थापक हिमालयन आर्क), श्री पारस लुम्बा (संस्थापक ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन), श्री सुमित सूरी (चेयरमेन होटल एण्ड रेस्ट्रॉ एसोसियेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया, एम.पी. कमेटी), सुश्री पूजा श्रीवास्तव (एयर बी.एन.बी.), श्री अनवर जाफरी (फ्रेंड्स ऑफ ओरछा), श्रीमती विद्या वेंकटेश (मैनेजर, लास्ट वाईल्डनेस फाउन्डेशन), श्रीमती मालिनी गौरीशंकर (एफ 5 स्केप्स), श्रीमती साविनी सोनवरिया (संस्थापक पशु-पक्षी), सुश्री आस्था (बुकिंग डॉटकॉम), श्री अनुराग ताम्हनकर (होमस्टे कन्सट्रक्शन) ने सहभागिता की।

अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड की श्रीमती भावना वालिम्बे, संचालक (कौशल विकास) मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री मनोज सिंह और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।