सीहोर. सीहोर ज़िला (SEHORE DISTRICT)भी भारी बारिश और बाढ़ (FLOOD)की चपेट में है. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त है. पुल-पुलियों पर पानी बह रहा है. कई इलाकों और गांव का सड़क संपर्क टूट गया है, लेकिन बार-बार अलर्ट के बावजूद लोग उफनते नदी-नाले पार कर रहे हैं.
सीहोर में इस बार इतनी ज़्यादा बारिश हुई कि एक दशक में पहली बार कोलार डेम के दो गेट खोलने पड़े. इस आफत की बारिश ने क्या शहर,क्या गांव सभी को परेशान कर दिया है. श्यामपुर तहसील के बरखेड़ा हसन गांव  का आसपास के एक दर्जन गांवो से सड़क संपर्क टूट गया है. इस गांव के पास बना सीलखेड़ा तालाब का पानी उफान मार रहा है. पानी ओवरफ्लो होकर रास्ते में 3 से 4 फीट तक भर गया है. 72 घंटे से यही हाल है. लेकिन लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बेसियर पार कर रहे हैं.
ज़िले में हो रही भारी बारिश के कारण नसरुल्ला गंज के नर्मदा के तराई वाले गांवों में हालात बिगड़ गए हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है. ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं.  साथ ही निचली बस्तियों में पानी भराव की स्थिति बनी हुई है.हाथीघाट में नदी पर बना पुल पानी में बह गया है. यहां से निकलने वाली नर्मदा, सीप, कोलार और अंबर नदियां सब उफान पर हैं.