नई दिल्लीदेश के मशहूर वकील राम जेठमलानी का 95वें वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह ऐसे वकीलों में शुमार थे जिनके हाथ में केस लेने का करीब-करीब मतलब जीतना ही होता था। जेठमलानी के दबदबे और उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक पेशी में एक करोड़ रुपये से भई ज्यादा तक चार्ज किए थे। उन्होंने देश के कई कुख्यात मुकदमे लड़े जिनमें कुछ केस तो ऐसे थे जिनकी पैरवी के लिए देश का एक भी वकील सामने नहीं आया था।
आइए जेठमलानी के संक्षिप्त परिचय से लेकर उनके मशहूर मुकदमों के बारे में जानें...
1. राम जेठमलानी बतौर वकील 1959 में केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र सरकार केस से मशहूर हो गए। जेठमलानी ने यह केस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ (वाईवी चंद्रचूड़) के साथ केस लड़ा था। चंद्रचूड़ देश के चीफ जस्टिस भी बने।
2. इस केस से सुर्खियों में आए राम जेठमलानी ने कई स्मलगरों के केस लड़े और अपनी दलीलों के दम पर ज्यादातर केस जीते भी। इसी वजह से 70 और 80 के दशक में उन्हें 'स्मलगरों का वकील' भी कहा जाने लगा था।
3. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों सतवंत सिंह और केहर सिंह की पैरवी के लिए एक भी वकील सामने नहीं आया तब राम जेठमलानी ने उनकी तरफ से केस लड़ा।
4. उन्होंने राजीव गांधी की हत्या के आरोपी वी. श्रीहरन (जिसे मुरुगन के नाम से भी जाना जाता है) की भी सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की। 2015 में दी गई उनकी यह दलील पर विवाद भी हुआ था कि राजीव गांधी की हत्या 'भारत के खिलाफ अपराध' नहीं है। 21 मई, 1991 को तमिलनाडु में चेन्नै के नजदीक श्रीपेरुंबुदूर में हुए आत्मघाती बम हमले में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी समेत 19 लोगों की जान चली गई थी।
5. सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से अदालत में हाजिर हुए थे।
6. जेठमलानी ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता का आमदनी से अधिक संपत्ति का केस भी लड़ा। जयललिता पर कमाई के ज्ञात स्रोतों से 66.65 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति होने का आरोप लगा था।
7. उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की पुत्री और सांसद कनिमोझी का केस भी लड़ा। कनिमोझी पर 2जी स्पेक्ट्रम केस में 214 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा था।
8. वकालत के शुरुआती दिनों में उन्होंने सीपीआई के विधायक कृष्णा देसाई की हत्या के मामले में शिव सेना की तरफ से पैरवी की थी।
9. वह कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के लिए अवैध खनन मामले में पेश हुए थे।
10. चारा घोटाले से जुड़े मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए 2013 में पैरवी की थी।
11. जेठमलानी ने हवाला डायरी कांड में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से भी पैरवी की थी।
12. हाल ही में राम जेठमलानी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मानहानि का केस भी लड़ चुके हैं। हालांकि इसी दौरान फीस को लेकर उनका केजरीवाल से कुछ आरोप-प्रत्यारोप भी हुआ था।
13. साल 2011 में रामलीला मैदान में धरना दे रहे बाबा रामदेव पर सेना के प्रयोग के लिए बाबा के बचाव में कोर्ट में पेश हुए थे।
14. जेठमलानी ने 2001 में संसद पर हमले के दोषी मोहम्मद अफजल गुरु का मुकदमा भी लड़ा था। उन्होंने अफजल को फांसी की सजा बदलने की मांग की थी और सरकार पर आरोप लगाया था कि गुरु को उसके मर्जी का वकील नहीं दिया गया। उन्होंने कहा था कि अफजल गुरु पर सही तरीके से मुकदमा नहीं चलाया गया।
15. 1960 के दशक में मुंबई के मशहूर डॉन हाजी मस्तान के स्मगलिंग से जुड़े कई मुकदमों की राम जेठमलानी ने पैरवी की थी।
16. जेसिका लाल मर्डर केस में जेठमलानी मनु शर्मा की तरफ से पेश हुए थे।
17. उपहार सिनेमा अग्निकांड में आरोपी मालिकों अंसल बंधुओं की तरफ से पेश हुए।
18. शेयर बाजार के दलाल हर्षद मेहता और केतन पारेख के बचाव में अदालत में पेश हुए थे।
19. 2जी घोटाले में यूनीटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय चंद्रा की सुप्रीम कोर्ट से जमानत कराई।
20. 2013 में नाबालिग लड़की के बलात्कार के आरोपी आसाराम बापू की तरफ से पेश हुए थे।
21. बड़े कारोबारियों में से एक सहारा प्रमुख सुब्रतो रॉय सहारा के लिए राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं।
22. राम जेठमलानी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने कई बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी मुकदमा लड़ा था। 2016 में आरजेडी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था।