जबलपुर. चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से पहले चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) का संपर्क टूटने पर डीआरडीओ (DRDO) के डायरेक्टर डॉक्टर सुधीर मिश्रा ने कहा कि लक्ष्य के इतने नजदीक पहुंचने पर चंद्रयान से संपर्क टूटने से सभी को दुख तो हो रहा है लेकिन उसे चांद के इतने पास पहुंचा देना ही किसी बड़ी सफलता से कम नही है. शनिवार को जबलपुर पहुंचे डा सुधीर मिश्रा ने कहा कि सफलता और असफलता के बीच थोड़ी सी दूरी होती है. हमारे वैज्ञानिकों ने कमियों को ढूंढ लिया है, इसलिए अगली बार ये मिशन जरुर कामयाब होगा. जबलपुर (Jabalpur) के ही रहने वाले डॉक्टर सुधीर कुमार मिश्रा आज अपने मॉडल स्कूल पहुंचे थे.

असफलताओं से सीखना ज़रूरी

डीआरडीओ और ब्रम्होस एयरोस्पेस के डायरेक्टर डॉक्टर सुधीर मिश्रा ने पूर्व राष्ट्रपति और मिसाईलमैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम (Dr APJ Abdul Kalam) का किस्सा सुनाते हुए कहा कि वो भी एसएलवी (SLV) की लॉन्चिंग में फेल हो गए थे, लेकिन उन्होंने असफलताओं से सीखा और फिर देश को मिसाईल की दुनिया में एक से बढ़कर एक सफलताएं दिलाईं.

 

'अपने बनाए हथियारों की जरुरत ना पड़े'

डॉ मिश्रा दुनिया में सबसे तेज गति वाली ब्रम्होस मिसाईल के ब्रम्होस एयरोस्पेस के डायेक्टर भी हैं. उन्होंने कहा कि आज हमारा देश जमीन, समुद्र और आकाश तीनों से ब्रम्होस मिसाईल दागने में सक्षम है, जिसकी एक्यूरेसी देश के लिए फक्र की बात है लेकिन डीआरडीओ चाहता है कि देश में शांति बनी रहे और उसे अपने बनाए हथियार इस्तेमाल करने की कभी जरुरत ना पड़े.