नई दिल्ली: मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) भले ही वेस्टइंडीज दौरा खत्म होने के बाद अमेरिका के लिए रवाना हो गए हों, लेकिन वह अपने वकील के साथ-साथ बीसीसीआई (BCCI) के लगातार संपर्क में हैं. पत्नी हसीन जहां (Hasin Jahan) ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दायर किया था. इस मामले में कोलकाता के अलीपुर कोर्ट ने क्रिकेटर को 15 दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि यह तेज गेंदबाज 12 सितंबर को भारत लौटेगा और तब तक वह अपने वकील सलीम रहमान के संपर्क में है. बोर्ड अधिकारी ने कहा, ''वेस्टइंडीज का दौरा खत्म होने के बाद शमी अमेरिका चले गए हैं और वह 12 तारीख को देश में वापस आएंगे. वह लगातार कोर्ट के मामले पर अपने वकील से संपर्क बनाए हुए हैं और उन्होंने संबंधित लोगों से भी बात की है.
कोर्ट के आदेश जारी करने की तारीख (2 सितंबर ) के दिन ही बीसीसीआई ने यह स्पष्ट कर दिया कि चार्जशीट देखने तक गेंदबाज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा था कि मामले में कोई कार्रवाई करना बहुत जल्दबाजी होगी और चार्जशीट मिलने के बाद ही कोई कदम उठाया जा सकता है.
बाद में यह शमी के वकील ने भी यह स्पष्ट किया कि यह गिरफ्तारी वारंट नहीं था और तेज गेंदबाज को कोर्ट में सरेंडर करने के लिए कहा गया था.
इंटरव्यू में क्रिकेटर शमी की पत्नी ने साफ कर दिया था कि तेज गेंदबाज के पास अब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है. हसीन जहां ने कहा, "अगर आसाराम बापू और राम रहीम कानून से बचने में नाकाम रहे, तो उनके सामने कौन शमी है? मैं डेढ़ साल से लड़ रही हूं. मैं निराश हो रहा थी. मैं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थी और न ही मुझे किसी तरह का समर्थन था. मैं काफी मेहनत कर रही हूं लेकिन मुझे उम्मीद नजर नहीं आ रही थी मैं हार मान रही थी.’ ऐसा लग रहा था कि यह मामला दफन होकर रह जाएगा. लेकिन अल्लाह का शुक्रिया, सच्चाई हमेशा जीतती है.''

हसीन जहां ने कहा, "शमी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए हैं. न्यायिक प्रणाली सभी के लिए एक जैसी है. मुझे न्याय देने और मेरे दर्द को समझने के लिए न्यायिक व्यवस्था की आभारी हूं,"