चमोली: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले में गोविंदघाट (Govindghat) इलाके में भारी अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना सामने आई है. बादल फटने की वजह से बरसाती नाले ने काल बनकर इलाके में तबाही मचा दी. बादल फटने (Cloud Burst) की वजह से अचानक आए पानी में करीब एक से डेढ़ दर्जन वाहन मलबे की चपेट में आ गए हैं.

बादल फटने (Cloud Burst) की वजह से गोविंदघाट की मुख्य पार्किंग स्थल (Parking Area) को भारी नुकसान पहुंचा है. गनीमत यह रही की डेक्कन कंपनी का हेलीपैड (Helipad) और उसमें खड़े चॉपर (Chopper) इस नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बचे. पूरी घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. एसडीआरएफ (SDRF) और प्रशासन की टीम मौके पर राहत बचाव के कार्यों में जुटी हुई है. जानकारी के मुताबिक 100 मीटर हाईवे भी मलबे की चपेट में है.

जिलाधिकारी चमोली (Chamoli) स्वाति भदौरिया घटना का जायजा लेने मौके पर पहुंची थीं. वहीं बद्रीनाथ मोटर मार्ग पीपलकोटी, पागल नाला, गोविंदघाट, लांमबगड में मलबा आने के कारण अवरुद्ध है. इसके अलावा थराली के गुडंम गांव में भी बादल फटने से तीन मकान व तीन घोषालें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई घरों में मलबा घुस गया.

आपको बता दें कि इस साल मानसून सत्र उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले के लिए मनहूस रहा है. चमोली जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बादल फटने (Cloud Burst) की घटनाओं ने यहां के लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है. भले ही प्रशासन मौके पर मुश्तैदी जरूर दिखाता है लेकिन उसके बाद आपदा पीडितों को उनके हाल पर छोड़ देता है.