नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में संगठन चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर नए अध्यक्ष के चुनाव के साथ लगभग एक दर्जन राज्यों में भी नए नेतृत्व सामने आने की संभावना है। तीन राज्यों में तो अध्यक्ष पद रिक्त हैं ही जबकि तीन राज्यों में वहां के विधानसभा चुनाव बाद नेतृत्व परिवर्तन होने के आसार हैं। लगभग आधा दर्जन राज्य ऐसे हैं जहां संगठनात्मक जरूरतों से नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। भाजपा में संगठन चुनावों की प्रक्रिया इसी महीने शुरू होने जा रही है। दिसंबर में प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव होने हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव के चलते वहां पर प्रदेश के चुनाव बाद में कराए जा सकते हैं। इन तीनों राज्यों में चुनाव नतीजों के आधार पर संगठन के नए मुखिया का चयन होगा।
- पाटिल बन सकते हैं मंत्री 
महाराष्ट्र में वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल को कुछ समय पहले ही अध्यक्ष बनाया गया था। चुनाव बाद सरकार बनने की स्थिति में वह फिर से मंत्री बन सकते हैं। यही स्थिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला और झारखंड के अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ के साथ है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों राज्यों के चुनाव के नतीजे उनका आगे का भविष्य तय करेंगे। हालांकि सूत्रों का मानना है कि सरकार बनने और न बनने दोनों ही स्थितियों में इन राज्यों में बदलाव होंगे।