इन्दौर । श्री गणपति मंदिर खजराना में  प्रबंध समिति परम्पराओं को निभाते हुए ही गणेश चतुर्थी महोत्सव का शुभारंभ कलेक्टर एवं खजराना गणेश मंदिर समिति के अध्यक्ष  श्री लोकेश कुमार जाटव तथा नगर निगम आयुक्त एवं प्रशासक श्री आशीष सिंह द्वारा आज खजराना गणेश को ध्वजा पूजन कर किया गया। आज भगवान श्री  गणेश की पूजा शहनाई वादन, 21 बटुकों तथा 40 पुजारियों द्वारा ध्वजा पूजन मंत्रोच्चारणों के साथ किया गया। वर्ण आभूषणों से श्रृंगारित भगवान गणेश को सवा लाख मोदक का भोग लगाया गया।
कलेक्टर श्री जाटव द्वारा पूर्व में निर्देश दिये गये थे कि खजराना मंदिर में स्थित गणेश जी के 10 ग्राम के चांदी के सिक्के श्रद्धालुओं के लिये उपलब्ध  कराये जाये, जिससे कि श्रद्धा अनुसार गणेश जी की प्रतिमा वाले सिक्कों को पूजा स्थल अथवा पर्स में रख सके। इसके पालन में आज भगवान गणेश के समक्ष पूजा कर बुजुर्ग कर्मचारी श्री ओमप्रकाश नेगी के हाथों से कलेक्टर श्री जाटव द्वारा सिक्कों का विक्रय प्रारंभ कराया गया। इस अवसर पर भगवान श्री गणेश के चित्रों के चांदी के 10 ग्राम के सिक्कों की पूजा भी की गई, जो दर्शनार्थियों द्वारा चाहे जाने पर 550/- प्रति सिक्के के मान से राशि चुका कर प्राप्त कर सकेंगे। यह सिक्के मंदिर परिसर में प्रबंध समिति द्वारा संचालित जैविक लड्डू व लड्डू प्रसाद जो मंदिर के अन्नक्षेत्र में निर्मित किये जाते है, कि दुकान जिसका नम्बर 59 व मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा संचालित गीता प्रेस गोरखपुर साहित्य की दुकान से भक्तों के लिये उपलब्ध रहेंगे। साथ ही इन्हें मंदिर प्रबंधन कार्यालय भी प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर रिंग रोड़ से मंदिर परिसर तक रंगीन बल्बों से मार्ग को सजाया गया। मंदिर के गर्भगृह तथा पाण्डाल को फूलों से सजाया गया। पुलिस द्वारा विशेष यातायात व्यवस्था की गई।
इस अवसर मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलाटव तथा गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने भी भगवान गणेश की पूजा की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।
कलेक्टर श्री जाटव ने यह भी बताया कि संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशानुसार विभिन्न चिकित्सालयों जिसमें एमवाय, मानसिक चिकित्सालय, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय के भर्ती मरीजों को पौष्टिक एवं हाईजनिक भोजन, नास्ता चाय दूध तथा अन्य प्रकार के खाद्यान दिये जा रहे हैं। उक्त दान धारा 8 जी आयकर अधिनियम के अंतर्गत छूट प्राप्त है। साथ ही कम्पनियों को सी.एस.आर के अंतर्गत दान दिये जाने की पात्रता है। जिसमें आमजन इस मानव सेवा में हृदय से दान कर मानव सेवा पुण्य लाभ प्राप्त करें।