हरियाणा में हिसार स्थित हवाई अड्डे पर प्रति वर्ष कम से कम 100 कैडेट पायलटों को प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए स्पाइस जेट लिमिटेड हवाई अड्डे पर बड़ा फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन स्थापित कर रहा है। इसमें हरियाणा अधिवासी विद्यार्थियों को अनेक सुविधाएं दी जाएंगी। चार मेधावी लड़कियों को समस्त उड़ान प्रशिक्षण के लिए फीस में 50 प्रतिशत की रियायत मिलेगी।
हरियाणा अधिवासी 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। स्पाइसजेट 70 प्रतिशत पायलट प्रशिक्षुओं के समावेश के साथ-साथ प्लेसमेंट भी सुनिश्चित कराएगा। इस हवाई अड्डे एयर शटल सेवा के शुरू होने से हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जिसने केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल 3 सितंबर 2019 को हवाई अड्डे पर एयर शटल सेवा का उद्घाटन करेंगे। नागरिक उड्डयन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अपने प्रयासों के तहत सरकार प्रदेश में मौजूदा हवाई अड्डों के ढांचागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
रनवे को दस हजार फीट करने का काम जल्दी होगा शुरू
हिसार हवाई अड्डे के रनवे को 4,000 फीट से बढ़ाकर 10,000 फीट तक करने का कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है, जिससे एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान हिसार हवाई अड्डे पर उतर सकेंगे। चार एयरफील्ड करनाल, भिवानी, नारनौल और पिंजौर के विकास के लिए व्यवहार्यता अध्ययन सरकार कर रही है।

इन एयरफील्ड्स का उपयोग न केवल एयर कनेक्टिविटी के लिए, बल्कि फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन, एमआरओ, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग एवं ट्रेनिंग सुविधाओं की स्थापना, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने अंतरराष्ट्रीय यात्री व कार्गो हवाई अड्डे, विमानन अकादमी और एयरोस्पेस, रक्षा उद्योग के भावी विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की है।