आठ साल की उम्र में जब बच्चे खेलने में लगे रहते हैं तब दिव्यांश जोशी निशानेबाजी रेंज पर कड़ी मेहनत कर रहा है। पिथौरागढ जिले में कक्षा चार के छात्र दिव्यांश ने इंटर स्कूल और इंटर कालेज राज्य स्तरीय निशानेबाजी स्पर्धा में 50 मीटर राइफल प्रोन में स्वर्ण पदक जीता है। उनकी बड़ी बहन यशस्वी राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज है और अभी तक विभिन्न राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के टूर्नामेंटों में चार स्वर्ण समेत 16 पदक जीत चुकी है । अपने पिता मनोज जोशी के मार्गदर्शन में ही निशानेबाजी के गुर सीख रहे दोनों भाई बहन ने अक्तूबर में भोपाल में होने वाले राष्ट्रीय स्कूली खेलों के लिये भी क्वालीफाई कर लिया है। यशस्वी ने 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण और 10 मीटर पिस्टल में कांस्य पदक जीता है। निशानेबाज जसपाल राणा को अपना आदर्श मानने वाले दिव्यांश के पिता ने ,‘‘ वैसे तो हमने घर में भी एक रेंज बनाई हुई है लेकिन फायर आर्म रेंज अलग है जहां कुल 13 बच्चे अभ्यास करते हैं। दिव्यांश सुबह एक घंटा और शाम को दो घंटा रेंज पर बिताता है और बहुत तेजी से सीख रहा है। वह टीवी और मोबाइल से दूर रहता है जिससे अभ्यास का समय मिल जाता है। वहीं मनोज की अकादमी में बच्चों को कोचिंग और उपकरण की सुविधा निशुल्क है लेकिन प्रायोजन के अभाव में वह ज्यादा बच्चों को प्रवेश नहीं दे पा रहे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से वित्तीय सहायता की अपील की है। अब तक उनके प्रशिक्षु राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 25 से अधिक पदक जीत चुके हैं । उन्होंने कहा ,‘‘ इस इलाके में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन हमारे पास संसाधन सीमित है। वित्तीय सहायता मिलने पर हम काफी होनहार निशानेबाज दे सकते हैं ।’’