इन्दौर । मरीमाता चैराहा स्थित श्री सिद्ध विजय गणेश मंदिर पर 12 दिवसीय महोत्सव का श्रीगणेश रविवार 1 सितंबर को सांय 7 बजे हरतालिका तीज के मौके पर महिलाओं द्वारा गणेशजी की आराधना के साथ होगा। सोमवार 2 सितंबर को सांय 8.30 बजे महाआरती, पुष्प श्रृंगार, छप्पन भोग के साथ गणेश महोत्सव की शुरूआत होगी। महोत्सव के लिए समूचे चौराहे को 11 लाख से अधिक विद्युत बल्बों से सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। महोत्सव में प्रतिदिन सुबह गणेशजी का विभिन्न फलों के रसों से अभिषेक कर हर दिन अलग-अलग तरह के लड्डुओं का भोग भी समर्पित किया जाएगा।
संयोजक गोलू शुक्ला एवं श्रवण शुक्ला ने बताया मरीमाता चैराहा स्थित मंदिर परिसर को चारों ओर से आकर्षक एवं रंगारंग इंद्रधनुषी विद्युत सज्जा से श्रृंगारित किया जाएगा। मंदिर पर गणेशोत्सव का यह लगातार 47वां वर्ष है। सोमवार से गणेशोत्सव में प्रतिदिन गणेशजी को तिरूपति बालाजी, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, अष्ट विनायक, दगडू सेठ एवं अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के साथ ही अनाज, सूखे मेवों, फल-फूल एवं मारवाडी, मालवी, रजवाड़ी एवं राजस्थानी श्रृंगार में सजाया जाएगा। यहां पर हर दिन गणेशजी का नित्य नूतन मनभावन श्रृंगार होगा। श्रृंगार दर्शन सांय 7 बजे से प्रारंभ होंगे। महोत्सव में शहर के नामी भजन गायक प्रतिदिन रात 9 बजे से अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें धु्रवकुमार सेठी, श्रीधर झरकर, महू के शर्मा बंधु एवं वृंदावन की लक्ष्मी पांडे शामिल हैं। उज्जैन के पीरू पहलवान भी हर वर्ष की तरह तेजाजी की कथा सुनाएंगे।  
शुक्ला ने बताया कि मंदिर पर व्यवस्थित दर्शन एवं प्रसाद वितरण के लिए बेरिकेट्स लगाकर व्यवस्था की जाएगी। महाआरती प्रतिदिन रात 8 बजे होगी। रविवार 1 सितंबर को हरतालिका तीज उत्सव के लिए मंदिर परिसर में दो हजार से अधिक महिलाएं एकत्र होकर मिट्टी से परंपरागत शिव-पार्वती एवं गणेश की कृतियों का निर्माण करेंगीं। भजन-संकीर्तन के बीच इन महिलाओं द्वारा पूरी रात जागरण किया जाएगा, जिसके लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने शामियाने, कारपेट एवं बैठक की व्यवस्था की है। ब्रम्हलीन समाजसेवी सुरेंद्र कुमार शुक्ला की स्मृति में हो रहे इस महोत्सव में पूरे 11 दिनों तक शहर के प्रख्यात भजन गायक-गायिकाएं और उज्जैन के लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।