पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) परिसर में ग्रीन गणेश अभियान कार्यशाला में आज भोपाल के शासकीय महिला पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिये मिट्टी की गणेश प्रतिमाएँ तैयार की। भोपाल के एप्को परिसर में अभियान की कार्यशाला 13 अगस्त से चल रही है। कार्यशाला का 31 अगस्त को अंतिम दिन है। अंतिम दिन दोपहर 12 बजे से मिट्टी से गणेश प्रतिमाएँ तैयार करने का प्रतिभागियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।

एप्को द्वारा वर्ष 2016 से निरंतर ग्रीन गणेश अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष एप्को ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन शहर में जन-जागरूकता के मकसद से स्कूल-कॉलेज में कार्यशालाएँ की गई। इन कार्यशालाओं में 15 हजार से अधिक गणेश प्रतिमाएँ तैयार की गईं। कार्यपालन यंत्री श्री राजेश रायकवार ने बताया कि कार्यशाला में प्रतिभागियों को पीओपी एवं रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं को विसर्जित करने से होने वाले दुष्प्रभाव और उनसे बचने की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों को कार्यशाला में मूर्ति निर्माण के साथ प्राकृतिक रूप से उपलब्ध रंगों जैसे हल्दी, रामरस, गेरू, खड़िया, मिट्टी आदि से रंगे जाने की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को गणेश प्रतिमा निर्माण के समय सीड गणेश तकनीक की भी जानकारी दी गई। श्री रायकवार ने बताया कि बढ़ती आबादी और रहवासी क्षेत्रों के कारण जलीय वनस्पतियों और जल-संरचनाओं को लगातार नुकसान पहुँच रहा है। इसका मुख्य कारण पीओपी की मूर्तियाँ भी हैं।

ग्रीन गणेश अभियान में एप्को के विषय-विशेषज्ञों ने औद्योगिक क्षेत्र मण्डीदीप में जाकर श्रमिकों को मिट्टी के गणेश तैयार किये जाने की जानकारी दी। श्रमिकों को बताया गया कि मिट्टी के गणेश तैयार कर अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।