मैसूर: कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के गिरने के बाद कांग्रेस के दिग्‍गज नेता और पूर्व मुख्‍यमंत्री सिद्दारमैया ने पहली बार गठबंधन की विफलता पर अपनी बात रखी. उन्‍होंने गठबंधन की विफलता का ठीकरा जेडीएस पर फोड़ा. उन्‍होंने कहा कि पूर्व मुख्‍यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्‍वामी ने उनको कभी अपना मित्र और विश्‍वस्‍त नहीं माना. इसके बजाय वह हमेशा मुझको अपना दुश्‍मन समझते रहे और इसी वजह से गठबंधन में सभी समस्‍याएं उत्‍पन्‍न हुईं. दरअसल पिछले साल मई में कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद किसी दल को स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिला था. बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से सात कदम दूर रह गई थी. ऐसे में कांग्रेस ने तीसरे नंबर की पार्टी जेडीएस के साथ गठबंधन कर कुमारस्‍वामी को मुख्‍यमंत्री बनाया. लेकिन कई सवा साल तक चला यह गठबंधन शुरुआत से ही अंतर्विरोधों का शिकार रहा और आखिरकार सत्‍ताधारी गठबंधन के 10 से अधिक विधायकों ने इसका साथ छोड़ दिया. नतीजतन कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिर गई और उसकी जगह येदियुरप्‍पा के नेतृत्‍व में बीजेपी की सरकार बनी.

उसके बाद पिछले दिनों राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बड़े बयान में कहा कि मैं राजनीति को छोड़ने के बारे में सोच रहा हूं. मैं एक्सीडेंटली राजनीति में आया और मुख्यमंत्री भी इसी तरह ही बना. उन्होंने कहा कि भगवान ने मुझे दो बार सीएम बनने का मौका दिया. मैं किसी को संतुष्ट करने के लिए सीएम नहीं बना था. कुमारस्वामी ने कहा कि मैंने 14 महीनों में कर्नाटक के विकास के लिए अच्छा काम किया और मैं अपने काम से संतुष्ट हूं.

एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि मैं देख रहा हूं कि आज की राजनीति कहां जा रही है. उन्होंने कहा कि अब राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है, यह जातिगत होती जा रही है. उन्होंने कहा कि मैं इसे अपने परिवार में नहीं लाना चाहता. मेरा हो गया है. मुझे चैन से जीने दो. उन्होंने कहा कि मुझे राजनीति में नहीं रहना है. मुझे लोगों के दिल में जगह चाहिए, मैंने सत्ता में रहते हुए अच्छा काम किया है. कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरने के बाद कर्नाटक में बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा की अगुआई में बीजेपी की सरकार बनी. बीएस येदियुरप्पा ने चौथी बार कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ली.