नई दिल्ली । चंद्रयान-2 ने चांद की सतह की पहली तस्वीर भेजी है। जो चांद की सतह से 2650 किमी की ऊंचाई से ली गई है। 21 अगस्त को इसरो को भेजी गई इस तस्वीर में अपोलो क्रेटर नज़र आ रहा है।
तस्वीर में चांद की सतह पर बने अन्य क्रेटर्स यानी गड्ढे साफ देखे जा सकते हैं। चंद्रयान-2 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा में प्रवेश कर लिया है। अब 
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने यह जानकारी दी है। यह एक चुनौतीपूर्ण पड़ाव था जिसे चंद्रयान ने पा लिया। इसके बाद कुल 4 ऑर्बिट मेनीवर्स होंगे जिसकी मदद से चंद्रयान-2 चांद की कक्षाएं बदलते हुए उसकी सतह के पास पहुंचेगा।
यदि यह अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर रोवर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा। लगभग 30 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में स्थापित हुआ है। लगभग एक पखवाड़े तक चंद्रमा की कक्षा में घूमने के बाद, चंद्रयान 2 की लैंडिंग 7 सितंबर को निर्धारित है।
यह भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है। गत 22 जुलाई को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क 3-एम 1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने गत 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्र पथ पर आगे बढ़ना शुरू किया था। बेंगलुरु के नजदीक ब्याललू स्थित डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलुरु स्थित इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशंस कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 की सभी प्रणालियां सामान्य ढंग से काम कर रही हैं।