नई दिल्ली: छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम (MC Mary Kom) ने चयन ट्रॉयल्स में विवाद में घिरने के बाद इस पूरी प्रकिया पर ही सवाल उठा दिए हैं. इस भारतीय महिला बॉक्सर का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले बॉक्सरों के ट्रायल की प्रक्रिया पर फिर से विचार करने की जरूरत है. मैरीकॉम ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए सीधे अपना नाम भेजने और ट्रायल्स रद्द रने में अपनी किसी भी भूमिका होने से भी इनकार किया. 

दरअसल, मैरीकॉम को हाल ही में बिना चयन ट्रॉयल के वुमंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप (Women's World Boxing Championships) के लिए भारतीय टीम में चुना गया है. पहले यह कहा गया था कि मैरीकॉम को 51 किग्रा वर्ग के ट्रायल में एशियन चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता निकहत जरीन से भिड़ना है. बाद में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने ट्रायल रद्द कर दिया था. उसने पिछले प्रदर्शन के आधार पर मैरीकॉम का नाम विश्व चैंपियनशिप के लिए भेज दिया था. ट्रायल नहीं होने पर जरीन ने विरोध जताया था. 

मैरीकॉम ने बुधवार को अखिल भारतीय गेमिंग महासंघ (एआईएफएफ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने इस मौके पर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘यह मेरे हाथ में नहीं है. यह बीएफआई पर निर्भर है. हो सकता है कि इसमें बदलाव हो. जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें सीधे ही किसी भी टूर्नामेंट के लिए कोटा मिल जाना चाहिए.’ 


36 वर्षीय मैरीकॉम ने बैडमिंटन का उदाहरण देते हुए कहा, ‘अन्य खेलों में ट्रायल्स नहीं हैं. क्या सायना नेहवाल या पीवी. सिंधु ने अब तक ट्रायल दिया? ट्रायल देना कभी कभार, अजीब सा भी लगता है. मैंने स्पष्ट रूप से बताया कि अधिकारियों को तय करना चाहिए कि कौन बेहतर कर रहा है.’ 

मैरीकॉम ने विश्व चैंपियनशिप के लिए सीधे अपना नाम भेजने और ट्रायल्स रद्द रने में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘इसके बारे में बीएफआई से पूछें. इस तरह से फैसले मैं खुद नहीं ले सकती. इस फैसले में मेरी कोई भी भूमिका नहीं थी. यह सबकुछ बीएफआई के हाथों में है.’ मैरीकॉम विश्व चैंपियनशिप में अब तक छह स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं.