कम्प्यूटर बाबा (Computer Baba) के बाद एक और संत को कमलनाथ (Kamalnath) सरकार से सुख सुविधाएं चाहिए. संत ने धमकी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह सुसाइड कर लेंगे. यह संत हैं देव मुरारी (Dev Murari Bapu) बापू. वह राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास के प्रवक्ता और केसरिया हिंदू वाहिनी के अध्यक्ष हैं.

विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ खड़े दिखने वाले संत अब आंखें तरेर रहे हैं. पहले कम्प्यूटर बाबा और अब राम मंदिर निर्माण न्यास के अध्यक्ष देव मुरारी बापू ने कमलनाथ सरकार से सत्ता में भागीदारी की मांग कर दी है. वह सरकार से कैबिनेट मंत्री का दर्ज मांग रहे हैं. उन्होंने सीधे-सीधे धमकी दी है कि पद नहीं मिलने पर वह सुसाइड कर लेंगे.

ये है डिमांड

देव मुरारी बापू ने कहा है कि चुनाव में बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने का उन्हें इनाम मिलना चाहिए और गौ संवर्धन बोर्ड का उन्हें अध्यक्ष बनाना चाहिए. मुरारी बापू सत्ता सुख के लिए इस कदर बेताब हैं कि उन्होंने साफ कहा है कि सरकार ने उनकी नहीं सुनी तो वह आत्महत्या कर लेंगे. मुरारी बापू के संतगिरी छोड़ राजनीति करने और सत्ता में भागीदारी मांगने पर सरकार भी मुश्किल में है. प्रदेश के मंत्री बाला बच्चन का कहना है कि इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री कमलनाथ ही कर सकते हैं. वहीं, मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि सरकार देव मुरारी बापू के पक्ष में विचार कर रही है. हालांकि, सरकार पर दबाव की सियासत का जवाब भी जल्द ही दिया जाएगा.

संतों को सत्ता लोभ

राजनीति और सत्ता में बढ़ रहे संतों के दखल से साफ है कि संतों का मन अब सत्ता सुख में ज्यादा है. देव मुरारी बापू के दबाव की सियासत क्या रंग दिखाती है ये देखना दिलचस्प होगा.