बिलासपुर । बिलासपुर संभाग में चालू वित्तीय वर्ष के खरीफ सीजन 2019-20 में 490755 हेक्टेयर खेतों में सिंचाई के लिये लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 322 वृहद, मध्यम एवं लघु जलाशयों में 64.74 प्रतिशत जलभराव है। संभागायुक्त बी.एल.बंजारे ने पेयजल एवं निस्तार सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जलाशयों में उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग करने विशेष जोर दिया। उन्होंने खाद, बीज उपलब्धता की भी समीक्षा की। संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आज संभागायुक्त बी.एल.बंजारे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सांसद अरूण साव, विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, कलेक्टर डॉ.संजय अलंग, विधायक प्रतिनिधिगण एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि बिलासपुर संभाग के जलाशयों में वर्तमान में 322 वृहद, मध्यम एवं लघु जलाशयों में वर्तमान में 64.74 प्रतिशत जलभराव है। इनमें से बिलासपुर जिले के वृहद खारंग जलाशय में 50.37 प्रतिशत, अरपा-भैंसाझार में 50.30 प्रतिशत, मध्यम घोंघा जलाशय में 38.06 प्रतिशत एवं लघु 117 जलाशयों 55 प्रतिशत जलभराव है। इसी तरह मुंगेली जिले में वृहद मनियारी जलाशय में 100 प्रतिशत, लघु 14 जलाशयों में 44 प्रतिशत, कोरबा जिले के वृहद मिनीमाता बांगों में 66.11 प्रतिशत, लघु 40 जलाशयों में 50 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा जिले के 15 लघु जलाशयों में 100 प्रतिशत तथ रायग? जिले के वृहद केलो परियोजना 32.30 प्रतिशत, मध्यम केदारनाथ 38.38 प्रतिशत, खम्हार पाकुट 13.45 प्रतिशत, किनकारी नाला 75.79 प्रतिशत, पुटा नाला जलाशय में 32 प्रतिशत एवं 125 लघु जलाशय में 40 प्रतिशत जलभराव है। संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि क्षेत्र में खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसानों के मांग के अनुरूप पूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद अरूण साव ने कृषि योजनाओं का ब्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिये विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक जरूरतमंद किसानों को लाभ मिलना चाहिये। कलेक्टर डॉ.संजय अलंग ने कहा कि कृषि विकास अधिकारी स्तर तक कार्यक्रम बनाए। वे अपने-अपने क्षेत्र में किसानों का बैठक लेकर जानकारी दें। इस संबंध में प्रत्येक अधिकारी से प्रतिवेदन भी लें। विधायक श्रीमती रश्मि सिंह किसानों के लिये कृषि एवं सिंचाई सुविधा के लिये अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।