बच्चों को पालना आसान नहीं होता है। फिर चाहे एक ही बच्चा एक ही क्यूं ना हो। ऐसे में अगर आपका साथी भी नहीं है तो मुश्किलें थोड़ी बढ़ सकती है पर आप परेशान ना हो। दोनो बच्चों की परवरिश के लिए आप किसी अन्य परिवारजन या दोस्त की मदद ले सकती है। हो सकता है वो रातभर आपके पास ना रूक सकते हो पर दिन में तो आपके लिए बाहर से सामान लाने और खाना बनाने जैसे कामों में मदद कर सकते है। अगर आपके लिए संभव हो तो आप आया रख लें। वो भी आपके लिए सुविधाजनक रहेगी। ऐसी कई महिलाएं है जो अपने जुड़वा बच्चों को अकेले पाल रहीं है, उनकी परवरिश के लिए कुछ तरीके जो मददगार साबित हो सकते है।
क्लब में शामिल हो
जुड़वा बच्चों की परवरिश के लिए बाजार में कई तरह की किताबें मौजूद है, आप बच्चों के जन्म से पहले ही उनको जरूर पढ़े। ये आपको बहुत काम आएगी। साथ ही पता करे अगर आपके आसपास जुड़वा बच्चों के लिए कोई क्लब हो तो उसे ज्वाइन कर लें। ये आपकी मेहनत को भी बचाएगा साथ ही बच्चों के लिए भी बेहतर रहेगा।  
धैर्य रखें
ध्यान रहें कि बच्चा एक ही क्यों ना हो तब भी उसकी परवरिश के लिए बहुत धैर्य रखना पड़ता है। ऐसे में अगर आपके जुड़वा बच्चे है तो आपको ज्यादा धैर्य का रखने की जरूरत पड़ेगी। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो बहुत जल्दी आपको चिड़चिड़हट का अनुभव होने लगेगा। जो आपकी परेशानी को बांटने के अलावा कुछ नहीं करेगा। अपने मां-बाप से बात करें, उनसे टिप्स लें। आपको बहुत आसानी होगी।