जबलपुर ।  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने सरकार से जवाब मांगा है। शासन ने किस तरह से विनोद प्रधान को ज्वाइंट डायरेक्टर खेल बनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सचिव खेल एवं सचिव उच्च शिक्षा को नोटिस जारी किए हैं।
याचिकाकर्ता भोपाल निवासी रामगोपाल वालवान की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि जेल अधिकारी पद प्रमोशन के आधार पर ज्वाइंट डायरेक्टर स्पोर्ट्स का पद हासिल किया जा सकता है। इस पद को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व का भी प्रावधान है।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि विनोद प्रधान कांग्रेस के पूर्व सांसद के.एन.प्रधान के बेटे हैं। भाजपा नेता शीतला सहाय के दामाद होने की योग्यता होने के कारण उन्हें इस पद के लिए योग्य मानकर उनकी नियुक्ति की गई है, जो पूरी तरह से अवैध है। हाई कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।