मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दिल की बीमारियों के साथ ही कई और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लगभग 58 प्रतिशत मौतें हृदय संबंधी परेशानियों के कारण ही होती हैं। मधुमेह के साथ जुड़े ग्लूकोज के उच्च स्तर से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे रक्तचाप और नजर, जोड़ों में दर्द तथा अन्य परेशानियां हो जाती हैं।
टाइप-2 मधुमेह सामान्य रूप से वयस्कों को प्रभावित करता है, पर अब यह बीमारी युवाओं में भी  तेजी से बढ़ रही है। मधुमेह के कारण युवा गुर्दे की क्षति और हृदय रोग के साथ-साथ कई :रोगों के शिकार हो सकते हैं। 
युवाओं के मधुमेह से ग्रस्त होने का कारण प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन है। मोटापा तथा निष्क्रियता। समय पर ढंग से जांच न कर पाना और डॉक्टर की सलाह का पालन न करना भी रोग को बढ़ा सकता है। 
वहीं लोगों में धारणा है कि टाइप-2 मधुमेह वाले युवाओं को इंसुलिन की जरूरत नहीं होती है, इसलिए ऐसा लगता है कि यह भयावह स्थिति नहीं है पर ऐसा सोचना गलत है। इस स्थिति में तत्काल उपचार और प्रबंधन की जरूरत होती है। टाइप-2 डायबिटीज वाले युवाओं में कोई शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यदि कुछ दिखते भी हैं, तो वे आमतौर पर हल्के हो सकते हैं।
इस प्रकार की बीमारी से बचने के लिए युवा अपनी जीवनशैली में बदलाव ला सकते है।
खाने में स्वस्थ खाद्य पदार्थ ही शामिल करें।
प्रतिदिन तेज रफ्तार में टहलें।
अपने परिवार के साथ अपने स्वास्थ्य और मधुमेह व हृदय रोग के जोखिम के बारे में बात करें।
यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने की पहल करें।