नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने एशियन  डेव्हलपमेंट बैंक के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि एशियन डेव्हलपमेंट बैंक से वित्त पोषित जल प्रदाय तथा सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्य समय-सीमा में पूरा करें। प्रस्तावित जल प्रदाय योजनाओं में घरों में पानी के मीटर लगवाने और आय वर्ग तथा उपयोग किये जाने वाले पानी की मात्रा के आधार पर पानी का चार्ज निर्धारित किया जाये।

मंत्री श्री सिंह ने बताया कि सभी 378 नगरीय निकायों में वाटर ऑडिट करवाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी शहरों में प्रतिदिन नल से पानी उपलब्ध करवाया जाये। उन्होंने एडीबी के सहयोग से संचालित जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एडीबी वर्तमान परियोजनाओं के साथ भोपाल और इंदौर में भी पेयजल योजनाओं में कार्य करने पर विचार करे।

श्री सिंह ने एडीबी के प्रतिनिधियों से शहरों को डस्ट फ्री बनाने और स्मार्ट सिटी/माडर्न सिटी के कार्यों में भी सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सीवरेज सिस्टम को बेहतर करने की योजना बनाये। श्री सिंह ने भिण्ड जिले में कार्यरत एजेंसी द्वारा समय पर कार्य नहीं करने की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि जाँच कर इसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करें।

प्रदेश में एडीबी के सहयोग से 128 नगरीय क्षेत्रों में जल प्रदाय योजनाएँ और 12 नगरों में सीवरेज व्यवस्था एवं उपचार की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रथम चरण में 69 और द्वितीय चरण में 59 नगरों में पेयजल योजनाओं का कार्य करवाया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, उप सचिव श्री मनीष सिंह, एडीबी के प्रतिनिधियों में प्रोजेक्ट लीडर सुश्री जिंगमिन हुआंग और सुश्री एलेक्जेन्ड्रा वोग्ल, टीम लीडर श्री आनंद जलकाम, अंतर्राष्ट्रीय जल आपूर्ति एक्सपर्ट श्री मैथ्यू और राष्ट्रीय जल आपूर्ति एक्सपर्ट श्री एम.ए. खान ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।