आजकल की प्रतिस्पर्धा के दौर में अच्छी नौकरी हासिल करना आसान नहीं है। इसके लिए आपको इंटरव्‍यू (साक्षात्कार) के दौरान अन्य उम्मीदवारों से कहीं बेहतर दिखना होगा। साक्षात्कार के दौरान ही नियोक्‍ता यह फैसला करता है कि कंपनी के लिए कौन सा उम्मीदवार बेहतर होगा। किसी भी नौकरी के लिए नियोक्‍ता के दिमाग में पहले से तय होता है कि उसकी कंपनी के लिए कैसा उम्मीवार चाहिए और उसमें क्‍या योग्यता होनी चाहिए। 
बुद्धिमता :
कोई भी नियोक्‍ता सबसे पहले उम्मीदवार में बुद्धिमता की क्षमता को देखता है, क्‍योंकि रिसर्च का मानना है कि किसी भी व्‍यक्‍ति के 76 प्रतिशत काम की क्षमता की पहचान उसकी बुद्धिमता से हो जाती है। इसलिए साक्षात्कार के दौरान हर सवाल का जवाब इस तरह दें कि नियोक्ता को लगे कि आपको जॉब से जुड़ी हर चीज की जानकारी है।
टीम वर्क :
अगर आप हर काम को अकेले में करना पसंद करते हैं तो आप अपनी आदत बदल लें, क्‍योंकि नियोक्‍ता उन लोगों को जॉब देना चाहते हैं, जिनके अंदर टीम वर्क की क्वालिटी मौजूद हो। जब भी आप कोई कंपनी ज्वॉइन करते हैं, तो आपको आपको टीम के साथ मिलकर पूरा करना होता है। इसलिए साक्षात्कार में नियोक्ता यह देखता है कि आप टीम के साथ कैसे काम कर पाएंगे।
मल्‍टीटास्‍किंग स्‍किल्‍स :
नियोक्‍ता एक निर्धारित जॉब के लिए साक्षात्कार लेता है, लेकिन हमेशा वो चाहता है कि आप अपने काम के अलावा दूसरी फील्‍ड के काम की जानकारी भी रखते हों। इसलिए अगर आपको जॉब चाहिए तो मल्टीटास्किंग होना बेहद जरूरी है। इसलिए इंटरव्यू से पहले अपने आप को इस तरह तैयार कर लेंगे तो जॉब मिलने के अवसर बढ़ जाएंगे।
कम्युनिकेशन :
नियोक्‍ता को हमेशा वहीं व्‍यक्‍ति पसंद आता है, जो अपनी बातों को व्यक्त कर पाए। कम्युनिकेशन स्किल्स (संवाद शैली) अच्छी नहीं होने पर नियोक्‍ता को लगता है आप ठीक से अपनी बात नहीं रख पायेंगे। इसलिए इंटरव्‍यू देने जाने से पहले कम्‍युनिकेशन स्‍किल्‍स को सुधार लें और नियोक्ता के सामने अपनी बातों को अच्छी तरह से रखें।
नेतृत्व क्षमता :
नए लोगों को रखने से पहले हर नियोक्‍ता यह जानना चाहता है कि उसकी नेतृत्‍व क्षमता कैसी है। नियोक्‍ता आपकी नेतृत्‍व क्षमता से यह पता लगाने की कोशिश करता है कि आपके अंदर किसी काम की जिम्‍मेदारी लेने की कितनी क्षमता है या नहीं। इसलिए इंटरव्यू के दौरान नियोक्‍ता के सामने ये पेश करें कि आप किसी प्रोजेक्‍ट को लीड कर सकते हैं।