बिलासपुर । रतनपुर  मेनरोड किनारे पर  स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में शनिवार और रविवार की बीती दरमियानी रात चार हथियारबंद नकाबपोशों नें एटीएम मशीन लूटने का प्रयास किया था। तब एटीएम में तोडफ़ोड़ की आवाज से जागे पड़ोसी ने इस बात की सूचना रतनपुर 112 को दी। तब स्टाफ के मौके पर  पहुँचते ही तीन नकाबपोशो ने पुलिस पर लाल मिर्च पाउडर डालकर भाग निकले थे। जिसमें से एक आरोपी को महामाया मंदिर मार्ग तरफ से  दौड़ाकर   पकड़ लिया गया। वही घटनास्थल पर से पुलिस ने लाल मिर्च पाउडर,दस्ताने,और नकाब के साथ एटीएम तोडऩे का औजार को जब्त किया था। उसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में बिलासपुर जिले के  कई थाना क्षेत्रों में नाकेबंदी कर उन्हें पकडऩे का प्रयास किया गया था । लेकिन तब कोई सुराग नहीं मिली थी। सोमवार को पुलिस ने खुटाघाट के जंगल से दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर थाना ले आई है। जहां पर उससे दो अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा जारी है।
इस संबंध में विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि शनिवार और रविवार की बीती दरमियानी रात चार अज्ञात नकाबपोशो ने हथियार से लैस होकर रतनपुर बिलासपुर मार्ग पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में धावा बोला था। जहां पर वे एटीएम मशीन को लूटने के लिए तोडफ़ोड़ कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी ने आवाज सुनकर रतनपुर 112 को इसकी सूचना दिया था। तब इस मामले की गंभीरता को लेते हुए आरक्षक नील कमल राजपूत  और देवेंद्र सिंह राजपूत एसबीआई एटीएम में पहुंचे। पुलिस को देख कर तीन नकाबपोशो ने नील कमल राजपूत के ऊपर लाल मिर्च पाउडर डाल कर फरार हो गए। जबकि 22 वर्षीय नकाबपोश भी  महामाया मंदिर मार्ग तरफ भागने लगा। जिसे दौड़ाकर देवेंद्र सिंह राजपूत ने पकड़ लिया। इसकी जानकारी उन्होंने तुरंत रतनपुर थाना प्रभारी श्याम कुमार सिदार को दिया। तब वे घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गए। वही पेट्रोलिंग पुलिस पार्टी भी पहुंच गई। उसके पश्चात पैदल भाग रहे आरोपियों को पकडऩे के लिए बिलासपुर की ओर पुलिस टीम की वाहन आरोपी को लेकर निकल गई। इसी दौरान पुलिस टीम की वाहन रास्ते में खराब हो गई। जिसके चलते आरोपी भागने में सफल हो गए। इस मामले की जानकारी रतनपुर थाना प्रभारी श्याम कुमार सिदार ने उच्च अधिकारियों को दिया। अधिकारियों के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया और उन्हें पकडऩे के लिए नाकेबंदी कर दी गई। जहां पर पुलिस वाहनों को रोक कर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ  की। वही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के साथ चौक चौराहों में भी पूछताछ किया। जबकि रतनपुर बिलासपुर मार्ग किनारे पर स्थित कई सीसी फुटेज को भी खंगाली थी। लेकिन उसके हाथ कोई सुराग नहीं मिली थी। लेकिन सोमवार की रात को पुलिस ने मिर्ची पाउडर डालकर फरार होने वाले आरोपी विक्रम सिंह को  खुटाघाट के जंगल से पकड़ कर थाना ले आई है । जहां पर उससे  दो अन्य युवकों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
सामूहिक विवाह कर रतनपुर में रह रहा था
रतनपुर थाना में सीबीजी सिंह उर्फ शिव सिंह पिता राम नारायण सिंह उम्र 24 वर्ष सोडऱई शंकरपुर थाना शमशाबाद तहसील फतेहपुर जिला आगरा उत्तर प्रदेश का निवासी बताया था। जो कि रतनपुर में 2 वर्ष पूर्व विद्युत विभाग में मथुरा के ठेकेदार रंजीत सिंह के साथ काम करने के लिए रतनपुर आया था। जहां पर उसकी परिचय कॉलेज के पास रहने वाले युवती से उसका प्रेम संबंध हो गया। जिससे वह सिद्ध शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर ट्रस्ट के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन में विवाह करके रतनपुर के गांधी नगर वार्ड  में  रहने लगा था।
एटीएम मशीन लूटने की साजिश रची
जबकि उसका दूसरा साथी विक्रम सिंह पिता थान सिंह उम्र 26 वर्ष रतनपुर  कॉलेज में काम करने आया था। इसी दौरान उसकी परिचय जोगी अमराई वार्ड नंबर 1 की युवती से प्रेम संबंध हो गया। तब से उसने उसे अपना पत्नी बनाकर बिलासपुर में निवास कर रहा था। जिसकी जानकारी जब रतनपुर पुलिस को लगी तब वह सुबह 6 बजे जोगी अमराई पहुंची। तब पता चला की रात में अपने ससुराल आया था। सुबह ससुराल वालों के उठने के पहले घर से भाग खड़ा हुआ। सीबीजी सिंह उर्फ शिव सिंह तथा विक्रम सिंह ने पिछले 2 वर्षों से रतनपुर में रहकर एटीएम मशीन लूटने की साजिश रची। जिसके लिए उसने सोडऱई शंकरपुर आगरा जिले के दो एटीएम मशीन तोडऩे वाले एक्सपर्ट भूपेंद्र सिंह पिता लाखन सिंह उम्र 26 वर्ष तथा कमल सिंह से संपर्क किया। जो कि उनके परिचय के थे । आगरा  से आने के बाद सभी चारों युवक बिलासपुर में रुके। जहां से हथियार, नकाबपोश से लैस होकर शनिवार और रविवार की बीती दरमियानी रात 1 बजे रतनपुर पहुंचे। आसपास रतनपुर बिलासपुर मार्ग को सुनसान देखकर 1.30 से घटना को अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा था।