लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट  ने आज़ आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी मेँ राज्य एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की रोकथाम की कार्य-योजना ज़ारी की।  उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव मेँ अत्यधिक मात्रा में एंटीबायोटिक का उपयोग बैक्टीरिया को ख़त्म करने मेँ कारगर नहीँ होता। ऐसा करने से  बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के प्रति  रेजिस्टेंस हो जाते हैं, जो प्राणघातक होता है ।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की रोकथाम के लिए कार्य-योजना ज़ारी की गई। उन्होंने कहा कि कार्य-योजना को विभिन्न विभागों और चिकित्सकों  के समन्वित सहयोग से क्रियान्वित किया जायेगा।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल और प्रबंध संचालक एनएचएम श्रीमती छवि भारद्वाज ने कार्य-योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चत करने की बात कही। एनएसडीसी दिल्ली  के डॉ. सुजीत सिंह और डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. अनूप शर्मा ने कार्य-योजना की जानकारी दी।