नई दिल्ली: कर्नाटक में पिछले कई दिनों से चल रहे सियासी उठा पटक का मंगलवार (23 जुलाई) को अंत हो गया. मंगलवार को हुए फ्लोर टेस्ट में कुमारस्वामी की सरकार असफल रही और इस तरह बहुमत साबित नहीं कर पाने की स्थिति में 14 महीने बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई. कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) की सरकार गिरने के बाद बीजेपी ने कहा है कि यह लोकतंत्र की जीत है. 

कर्नाटक में बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से परामर्श करने के बाद कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा करने के लिए राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलेंगे. उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जी के साथ चर्चा करूंगा और फिर राज्यपाल से मिलूंगा. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि हम विधायक दल की बैठक करने जा रहे हैं.'
विधानसभा में कांग्रेस-जद (एस) सरकार के विश्वास मत हारने के बाद येदियुरप्पा ने मंगलवार को अमित शाह को पत्र लिखा. उन्होंने पत्र में लिखा है, 'मैं आपके, और पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा विस्तारित समर्थन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं.'
आपको बता दें कि कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर सकी. बीजेपी के पक्ष में 105 वोट पड़े जबकि कुमारस्वामी के पक्ष में 99 वोट मिले. कुमारस्वामी सरकार को 9 वोट कम मिले. सदन में 204 विधायक थे. बागी विधायक, निर्दलीय विधायक और बसपा विधायक सदन में नहीं आए. कुमारस्वामी सरकार लगभग 14 माह पुरानी थी. अब कुमारस्वामी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. उधर येदियुरप्पा सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद येदियुरप्पा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'कुमारस्वामी की हार लोकतंत्र की जीत है. कुमारस्वामी सरकार से कर्नाटक परेशान था. मैं कर्नाटक के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अब राज्य में विकास का नया युग शुरू होगा.'

कर्नाटक बीजेपी ने कुमारस्वामी सरकार के गिरने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह कर्नाटक की जनता की जीत है. भ्रष्ट और अपवित्र गठबंधन के युग का अंत हुआ. हम आपको स्थिर और सक्षम सरकार का वादा करते हैं. हम मिलकर कर्नाटक को समृद्ध बनाएंगे.'