नई दिल्‍ली : कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को बचाने के लिए मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी विधानसभा में बहुमत साबित करने को तैयार हैं. गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा में विश्‍वास मत पेश किया गया. दिनभर इस पर बहस हुई. हालांकि करीब 19 विधायक इस कार्यवाही से नदारद रहे. रात भर कर्नाटक बीजेपी के अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा ने पार्टी विधायकों के साथ विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट की मांग को लेकर धरना दिया.  शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. दोपहर 1:30 बजे विश्‍वास मत पर आज वोटिंग होगी. दूसरी ओर राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी को बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे तक का समय दिया है.

सत्तारूढ़ कांग्रेस और जनता दल-सेकुलर (जद-एस) गठबंधन भी राज्यपाल के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर करेगा क्योंकि मुख्यमंत्री गुरुवार को ही सदन में विश्वास मत पेश कर चुके हैं और बहुमत सिद्ध करने के लिए बहस शुरू कर चुके हैं. बाबू ने कहा, "राज्यपाल विधानसभा की कार्यवाही में दखल दे रहे हैं, जो संविधान के प्रावधानों के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार क्षेत्र है."

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे तक विधानसभा में विश्वास मत पेश करने के निर्देश से नाराज मुख्यमंत्री ने इस पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. सत्तारूढ़ जनता दल-सेकुलर (जेडीएस) के प्रवक्ता रमेश बाबू ने यहां आईएएनएस से कहा, "गुरुवार को राज्यपाल द्वारा शुक्रवार को 1.30 बजे तक बहुमत सिद्ध करने के निर्देश पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री के अधिवक्ता शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे."

कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर केआर रमेश कुमार ने कार्यवाही के दौरान कहा कि कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल ने राज्‍यपाल को पत्र लिखा है. उसमें उन्‍होंने कहा है कि मैं निजी काम से चेन्‍नई गया था. वहां मुझे सीने में दर्द हुआ. मैं इसके बाद अस्‍पताल गया. डॉक्‍टर की सलाह पर मैं मुंबई आया और यहां अस्‍पताल में भर्ती हुआ. इसलिए मैं विधानसभा की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हो पाया. बीजेपी की ओर से मेरी किडनैपिंग नहीं की गई है.

कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी को राज्‍यपाल वजुभाई वाला की ओर से शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे तक बहुमत साबित करने का समय दिया गया है. इस पर मुख्‍यमंत्री कुमारस्‍वामी ने स्‍पीकर केआर रमेश से अपील की है कि वह यह तय करें कि राज्‍यपाल मुझे बहुमत साबित करने संबंधी निर्देश दे सकते हैं या नहीं.

कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुक्रवार को शुरू होने के बाद स्‍पीकर केआर रमेश कुमार ने सदन में कहा, 'वे लोग जो मेरे चरित्र पर अंगुली उठा रहे हैं, वे अपनी पुरानी जिंदगी में झांकें. जो लोग भी मुझे जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि दूसरों की तरह मेरे पास लाखों रुपये नहीं हैं. मेरे पास गैर पक्षपाती निर्णय लेने की क्षमता है.'

कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कर्नाटक बीजेपी के अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा ने दावा किया है कि कांग्रेस-जेडीएस के पास महज 98 विधायक हैं, ज‍बकि हमारे पास विधायकों की संख्‍या 105 है.
कर्नाटक विधानसभा की शुक्रवार को शुरू होने वाली कार्यवाही से पहले बीजेपी ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई है. कर्नाटक बीजेपी के अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा की ओर से यह बैठक बुलाई गई है.
कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार पर मंडरा रहे संकट का मुद्दा शुक्रवार को लोकसभा में भी उठा. कांग्रेस के 6 सांसदों ने लोकसभा में इस मामले पर स्‍थगन नोटिस भी दिया. साथ ही आज लोकसभा में इस मुद्दे के फिर उठने के आसार हैं.
कांग्रेस के विधायक श्रीमंत पाटिल सीने में दर्द होने के बाद मुंबई के सेंट जॉर्ज अस्‍पताल में भर्ती हैं. उनसे मिलने कर्नाटक पुलिस की टीम अस्‍पताल पहुंच गई है.
कर्नाटक पुलिस मुंबई के अस्पताल में भर्ती कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल का बयान लेने मुंबई पहुंच गई है. श्रीमंत पाटिल ने गुरुवार को सीने में दर्द की बात कहते हुए कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर केआर रमेश को पत्र भेजा था. उन्‍होंने अपने अस्‍पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए विधानसभा की कार्यवाही में शामिल न हो पाने की बात कही थी. इस पर स्‍पीकर ने पुलिस को आदेश दिया था कि वह इस मामले की जांच करके शुक्रवार तक उन्‍हें रिपोर्ट सौंपे. इसके तहत डीसीपी स्‍तर के अधिकारी के नेतृत्‍व में कर्नाटक पुलिस मुंबई पहुंची है. पुलिस आज विधायक श्रीमंत पाटिल का बयान दर्ज करेगी. दरअसल ऐसी आशंका जताई गई थी कि वह किसी के दबाव में आकर सदन की कार्यवाही से दूर रहे हैं.
कर्नाटक के उप मुख्‍यमंत्री जी परमेश्‍वर ने विधानसभा में रात भर रुके बीजेपी विधायकों से सुबह मुलाकात की और उनके साथ नाश्‍ता किया. इसके बाद उन्‍होंने कहा कि बीजेपी विधायक रात भर विधानसभा में धरने पर रहे. यह हमारी जिम्‍मेदारी है कि हम उनके लिए भोजन और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम करें. उनमें से कुछ को डायबिटीज और ब्‍लड प्रेशर की बीमारी है. इसीलिए हम लोगों ने उनके लिए यह इंतजाम किए. राजनीति से परे हम लोग अच्‍छे दोस्‍त हैं. यही लोकतंत्र की खूबसूरती है.