जबलपुर। शराब ठेकेदारों के लिये राहत भरी खबर है कि राज्य सरकार ने शराब की खरीदी पर मिलने वाले कमीशन (६ प्रतिशत की छूट) पर लगी रोक हटा दी। राज्य में सरकार बदलने के बाद यह तबदीली आई थी, राज्य सरकार ने शराब ठेकेदारों को शराब कम्पनी से मिलने वाली कमीशन पर रोक लगा दी थी जबकि सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं था। ठेकेदार जिस कम्पनी से माल खरीदते थे वह कम्पनी ही छूट निर्धारित करते थे और यह पूरी कमाई ठेकेदार की नम्बर एक में होती थी जिसका वे आयकर भी चुकाते थे। राज्य सरकार द्वारा इसमें लगाई गई पाबंदी के बाद ठेकेदार प्रभावित थे और वे अपने आप को कारोबार में असहज महसूस कर रहे थे। एक तो हर साल २० प्रतिशत की वृद्धि के साथ ठेके नवीनीकृत हो रहे हैं ऊपर से बिजली बिल और दुकान का किराया-भाड़ा भी हर साल बढ़ जाता है। लगभग ५ महीने से लटका यह मामला अब जाकर शासन के समझा में आया और शासन ने रोक हटा दी। 
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा शराब की पेटी पर मिलने वाले कमीशन को एक नियम बनाकर बंद कर दिया गया था अब वापस उसे पुन: लागू कर दिया गया है इसके लिये शराब ठेकेदार लम्बे समय से प्रयासरत् थे, ठेकेदारों का तर्क था कि इससे सरकार को न तो फायदा हो रहा है न तो नुकसान अलबत्त आयकर के रुप में प्रदेश को मिलने वाले हिस्स में कमी आ रही थी। सूत्रों का कहना है कि विभिन्न कम्पनियों की विभिन्न ब्राण्डों वाली शराब की जो खरीदी ठेकेदार करते हैं संबंधित कम्पनी उन्हें ५ से ६ प्रतिशत पर डिस्काउंट (कमीशन) देती है। इसके पुन: चालू हो जाने से ठेकेदारों को लाभ होगा और उनके खर्चे भी समादरित होंगे। 
गजट प्रकाशन के लिये पत्र भेजा ..........
अवर सचिव मध्यप्रदेश शासन वाणिज्य कर विभाग द्वारा १२ जुलाई को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि वर्ष २०१९-२० के लिये निष्पादित किये गये फुटकर शराब दुकानों व एकल समूहों के निष्पादन के संबंध में पूर्व में जारी की गई अधिसूचना को शासन के निर्देश पर निरस्त कर दिया गया है और इस अधिसूचना को मध्यप्रदेश के राज्य पत्र में इसके प्रकाशन दिनांक से प्रभावी होगी, इसके लिये सामान्य प्रशासन विभाग से भी अनुमति ले ली गई है। अधिसूचना प्रकाशन हेतु उपनियंत्रक शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय भोपाल को जानकारी भेज दी गई है।