भारतीय परंपरा में नथ को बेहद महत्व दिया गया है। कई आकार, स्टाइल और रंग वाली नथ आपको देखने को मिल जाएंगी। भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण तक नथ पहनने की परंपरा है। दक्षिण भारतीय परंपरा में लड़कियां शादी के वक्त नाक के दाएं तरफ नथ पहनती हैं। वहीं, उत्तर भारत में लड़कियां नाक के बाएं तरफ नथ पहनती हैं। नथ पहनने के पीछे फैशन के साथ ही धार्मिक और स्वास्थ्य कारण भी हैं। नथ का धार्मिक महत्व तो है ही इसके साथ ही इसे पहनने से स्वास्थ्य लाभ भी होता है। 
यह भी कहा जाता है कि नथ पहनकर लड़कियां माता पार्वती के प्रति सम्मान दर्शाती हैं। आयुर्वेद में नथ पहनने के पीछे पीरियड से जुड़ी वजह बताई है। आयुर्वेद में कहा जाता है कि नथ नाक के दाएं या बाएं तरफ जहां पहनी जाती है, उस प्रमुख हिस्से में हुए छेद के जरिए महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है।
शादी के वक्त लड़कियां ज्यादातर सोने का नथ पहनती हैं। हालांकि चांदी की नथ पहनने का प्रचलन भी है। इनदिनों आर्टिफिशियल नथ भी शादी के वक्त पहनी जाती है। आयुर्वेद में स्वर्ण और रजत भस्म को अच्छा माना गया है। इनके शरीर पर स्पर्श से कई तरह की बीमारियों के निदान के बारे में भी बताया गया है।