मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि पुलिस की छवि जनता के  बीच ऐसी हो कि वह उसे भय की नजर से नहीं, सम्मान के भाव से देखे। इसके लिए जरूरी है कि पुलिस लोगों से भावनात्मक संबंध बनाए। मुख्यमंत्री आज इंदौर में मध्यप्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा बनाये गए आवास गृहों का लोकार्पण कर रहे थे। इंदौर में पुलिसकर्मियों के लिए 155 करोड़ से अधिक लागत के 944 आवास बनाए जा रहे हैं। इनमें से 236 बहु-मंजिला आवास गृहों का मुख्यमंत्री ने आज लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि पुलिस का जनता से सतत् सम्पर्क और संवाद होता है। पुलिस की भूमिका जनता के साथ सहयोगात्मक होने के साथ ही उसे न्याय मिले, इसके लिए तत्परता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस अपने आचार-व्यवहार से आम जनता में विश्वास पैदा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर 24 घण्टे सेवा देने वाले पुलिस के जवानों के हित संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। तनाव कम हो और वे अगले दिन के काम के लिये तरोताजा रहें, इसके लिए सरकार ने उन्हें सप्ताह में एक दिन अवकाश देने का निर्णय लिया। इस फैसले से पुलिसकर्मी अब अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीक से बने आवास पुलिसकर्मियों को सुविधा देने की दिशा में एक कदम है। यह काम आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस महानिदेशक श्री व्ही.के. सिंह ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों और अपराधों पर नियंत्रण के लिए मध्यप्रदेश पुलिस अत्याधुनिक संसाधनों और टेक्नालॉजी के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में पुलिसकर्मियों के लिए बनाए जा रहे आवासों में भी नई तकनीक का इस्तेमाल किया है। दो कमरों के इस आवास गृह में पहली बार शेयर वर्ल्ड टेक्नालॉजी का उपयोग किया गया। इसमें गैस कनेक्शन, फायर फाइटिंग सिस्टम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, नर्मदा कनेक्शन, ट्यूबवेल, पॉवर सिस्टम और फोर स्टार की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

लोकार्पण समारोह में लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, इंदौर नगर निगम की महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, सांसद श्री शंकर लालवानी एवं विधायक उपस्थित थे।