भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के कोल टावर में बीती रात आग लग गयी। अंधेरा होने के कारण इसे नियंत्रित करने फायर बिग्रेड को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके पहले नेपथलीन बनने वाले प्लांट में आग लगने से वह खाक हो गया था। 
    यहां आग लगने से क्षुब्ध सीटू के प्रतिनिधिमंडल ने जीएम कोक ओवन अच्युत राव से मिलकर साफ कर दिया है कि कर्मचारी असुरक्षित माहौल में काम नहीं करेंगे। खतरनाक हो चुके टार प्लांट -1 में नए नेपथलीन इकाई का निर्माण किया जाए। टार प्लांट -1 के अन्य इकाइ का चरणबद्ध तरीके से मरम्मत किया जाए। अमोनियम सल्फेट प्लांट-1 को तत्काल बंद किया जाए।
    सीटू के एसपी डे ने कहा कि जिस प्लांट से हर साल 200 करोड़ की आय होती है। वहां के कर्मियों को एक जर्जर हो चुके असुरक्षित प्लांट में काम कराने की प्रबंधन की आखिर क्या मजबूरी है। जहां प्रबंधन ने 17000 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश किए, उस नए परियोजना से उत्पादन नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। ठीक उसी समय एक सर्वे ऑफ हो चुकी जर्जर संयंत्र के उत्पादों को बेचकर प्रतिमाह 20 करोड़ से अधिक की नकद आय हो रही है।