इन्दौर । कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव ने कहा कि विजया बैंक स्वरोजगार संस्थान इंदौर के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को निश्चित रूप से बेंकों द्वारा स्वरोजगार ऋण दिये जायें, क्योंकि पूर्व में इस संस्थान के लगभग 700 अभ्यर्थियों ने ऋण लिया था, वे सभी बराबर किश्त चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकर्स अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्हें स्वरोजगार ऋण और शिक्षा ऋण देना ही होगा। बैंकर्स अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभायें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में दिव्यांगों, वृद्धों और विधवाओं को बैंक प्रतिनिधि द्वारा घर-घर जाकर पेंशन वितरित करना है। यह काम अभी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। जिले में लगभग 8 हजार 500 पेंशन हितग्राही हैं।
उन्होंने कहा कि इंदौर प्रदेश के सबसे बड़ा जिला और व्यवसायिक शहर है। यहाँ पर बैंक के सहयोग से व्यवसायिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसी प्रकार जिले में लगभग 600 ग्राम हैं। ग्रामीण विकास में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश में कृषि अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर विकास श्रीमती नेहा मीणा ने कहा कि बैंकर्स कृषि ऋण स्वरोजगार और फसल बीमा के क्षेत्र में सक्रियता दिखायें। ग्रामीण विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि श्री सौरभ शर्मा ने कहा कि बैंकर्स को किसानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रिजर्व बैंक द्वारा बार बार निर्देश दिये जा रहे हैं कि गांव में वित्तीय साक्षरता शिविर लगाये जायें और किसानों को ऋण फसल बीमा, एटीएम संचालन, चेकबुक संधारण, लोन प्रक्रिया और आर्थिक धोखाधडी के संबंध में जानकारी दी जाये।
इस अवसर पर नाबार्ड बैंक के प्रतिनिधि श्री दीपक नवाल ने कहा कि किसान भारतीय अर्थ व्यवस्था के मुख्य स्तंम्भ हैं। हरित क्रांति, स्वेत क्रांति,जल संरक्षण, माइक्रो ऐरिगेशन की दिशा में बैंकर्स को सहयोग देना है और किसानों को प्रोत्साहित करना है। बैंकर्स किसानों के उत्थान के लिये काम करें।
इस अवसर पर लीड बैंक प्रबंधक श्री मुकेश भट्ट ने कहा कि बैंकर्स ऋण देने में उदारता बरतें। सरकार की मान्यता है कि बेरोजगारी दूर करने में बैंकर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैंकर्स ऋण देते समय महिलाओं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को भी ऋण दें। उन्होंने कहा कि बैंकर्स विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण देते समय उन्हें पूरी प्रक्रिया समझायें। शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बैंकर्स को करना है। स्वरोजगार योजनाओं में बैंकर्स की मुख्य भूमिका है। प्रधानमंत्री बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,प्रधानमंत्री सिंचाई योजना,प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में बैंकर्स की मुख्य भूमिका रही है, मात्र दो सौ या तीन सौ रूपये सलाना बीमा किश्त देने पर हितग्राही को 2 लाख रूपये तक मिल रहे हैं, जो कि बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि नि:शक्तजन को बैंकर्स घर-घर जाकर पेंशन वितरित करें। ग्रामीण क्षेत्र में यह काम बहुत चुनौतीपूर्ण है। राज्य शासन ने "पेंशन आपके द्वार योजना'' लागू की है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बैंकर्स मौजूद थे।